राजस्थान की राजधानी जयपुर में पुलिस ने अवैध तरीके से जबरन वसूली करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया है. दरअसल, आरोपी किन्नर बनकर जयपुर-अजमेर रोड पर बाईपास के पास लोगों से पैसे वसूलते थे. कुछ राहगीरों ने इसकी शिकायत की थी, जिसके बाद पुलिस ने आरोपियों को पकड़ने के लिए टीम का गठन किया था. पुसिस ने 9 लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें एक असली किन्नर है, जबकि बाकी 8 युवक है.

जयपुर-अजमेर रोड पर 200 फीट बाईपास और आसपास के ट्रैफिक पॉइंट पर वाहनों को रोकर वसूली करते थे. पुलिस ने जबरन अवैध वसूली करने वाले किन्नर गैंग का खुलासा किया है. इस मामले में नौ लोगों को गिरफ्तार किया गया है. गिरफ्तार आरोपियों में एक असली किन्नर हैं और बाकी आठ आरोपी युवक अलग-अलग जगह के रहने वाले हैं.

पुलिस ने 9 को किया अरेस्ट

पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार किए गए आरोपियों में चंद्रपाल उर्फ शैलेंद्र उर्फ रौनक, मोनू कोठी, सूरज अरोड़ा उर्फ संजना, प्रतीक यादव उर्फ रवि जाटव, योगेंद्र सिंह उर्फ छोटी, भागचंद खटीक उर्फ वृंदा, वेदप्रकाश व्यास, रामावतार उर्फ रानी और महिला किन्नर माही सैनी को गिरफ्तार किया गया है. सभी आरोपी करणी विहार इलाके में रह रहे थे. आरोपियों ने पैसों की वसूली को लेकर पूछताछ की जा रही है.

लोगों से करते थे जबरन वसूली

वैशाली नगर एसीपी अनिल शर्मा ने बताया कि पिछले कई दिनों से ट्रैफिक चौराहों पर नकली किन्नरों द्वारा अवैध वसूली की शिकायत मिल रही थी. शिकायत में बताया गया था कि आसपास के ट्रैफिक पॉइंट पर किन्नर के भेष में कुछ लोग हैं, जो वाहन चालकों को परेशान कर जबरन पैसों की वसूली करते हैं. शिकायत के आधार पर स्पेशल टीम का गठन किया गया और आरोपियों की पहचान कराई गई तो नकली किन्नर होना पाए गए. उसके बाद टीमों ने दबिश देकर नौ लोगों को गिरफ्तार किया है. पकड़े गए सभी आरोपियों का मेडिकल करवाया तो एक असली किन्नर, बाकी सभी नकली किन्नर मिले. उन्होंने कहा कि आरोपियों से वसूली के संबंध में पूछताछ की जा रही है.

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