महासमुंद: बागबाहरा निवासी नरेंद्र यादव खल्लारी थाना में आरक्षक के पद पर पदस्थ है. 16 मार्च को नरेंद्र अपने 5 साल के बेटे को लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बागबाहरा पहुंचे, जहां दिन में लगभग 11.30 बजे के आसपास डीपीटी का टीका लगाया गया. बच्चे को टीका लगाने के बाद वे घर आ गए. जहां खाना खाने के बाद बच्चे को बुखार आ गया.
टीका लगने के बाद मौत का आरोप
नरेंद्र यादव ने आगे बताया कि बच्चे को घर लाने के बाद बुखार आने पर दवा दिया गया. इसके बाद वे ड्यूटी पर चले गए. शाम 5 बजे पत्नी ने उन्हें फोन किया और कहा कि बच्चा सोया हुआ है उठ नहीं रहा है. इसके बाद परिजन घबरा गए और पड़ोसियों की मदद से बच्चे को बागबाहरा में ही अस्पताल लेकर पहुंचे. जहां बच्चे को मृत घोषित कर दिया.
बीएमओ की सफाई, कही जांच की बात
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बागबाहरा के बीएमओ डॉ. बी एस बढ़ई ने कहा कि बच्चे को साढ़े 11 बजे टीका लगाया गया. उसके बाद कुछ देर तक अस्पताल में इंतजार के बाद वे घर गए. घर में खाना खाने के बाद बुखार आने पर बच्चे को पैरासिटॉमल दिया गया.
शाम को लगभग 5 साढ़े 5 बजे बच्चे को अस्पताल लाया गया, तब तक बच्चे की मौत हो चुकी थी. जांच के बाद बच्चे के मौत का कारण पता चलेगा- डॉ. बी एस बढ़ई, बीएमओ, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बागबाहरा
विधायक का अस्पताल प्रशासन पर आरोप
बच्चे की मौत की खबर मिलने के बाद खल्लारी विधानसभा के विधायक द्वारिकाधीश यादव अस्पताल पहुंचे. उन्होंने स्वास्थ्य विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाया. विधायक ने कहा कि बच्चे की मौत टीकाकरण के बाद ही हुई है. विधायक ने आरोप लगाया कि वैक्सीन को 14 मार्च को ही खोल कर रखा गया था जबकि जिस दिन टीकाकरण होना चाहिए उसी दिन वायल को खोला जाता है. विधायक ने ये भी आरोप लगाया कि अस्पताल के बीएमओ को इस मामले की जानकारी ही नहीं है जबकि अस्पताल के दूसरे स्टाफ ये बता रहे हैं कि टीका लगाया दूसरा बच्चा स्वस्थ है और एक बच्चे की मौत हुई है.
विधायक ने अस्पताल प्रशासन पर मामले को दबाने की कोशिश का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि गलत वैक्सीन लगने के कारण बच्चे की मौत हुई है. इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए.
