दुबई एयर शो के दौरान तेजस लड़ाकू विमान के हादसे में शहीद हुए विंग कमांडर नामांश स्याल का पार्थिव शरीर आज कोयम्बटूर के सुलूर एयर बेस लाया गया है. जहां एयर फोर्स के अधिकारियों ने (wing commander Namansh Syal) उन्हें सम्मान के साथ श्रद्धांजलि दी.
विंग कमांडर स्याल तेजस उड़ाने वाले अनुभवी पायलट थे और कई महत्वपूर्ण मिशनों का हिस्सा रह चुके थे. सुलूर एयर फोर्स स्टेशन से भारतीय वायुसेना की तेजस की दो स्क्वाड्रन काम करती हैं, 45 स्क्वाड्रन ‘फ्लाइंग डैगर्स’ और 18 स्क्वाड्रन ‘फ्लाइंग बुलेट्स’ इस दौरान वायुसेना ने कहा है कि विंग कमांडर स्याल की बहादुरी और सेवा को हमेशा याद रखा जाएगा. नामांश सायल की तैनाती सुलूर में ही थी.
wing commander Namansh Syal – बता दें कि एयर फोर्स में शहीद या दिवंगत अधिकारी को पहले उनकी यूनिट/बेस पर लाया जाता है, ताकि यूनिट के अधिकारी और साथी अंतिम सम्मान दे सकें. इसके बाद उनको वहां लेजाया जाता हैं, जहां उनका अंतिम संस्कार होना होता है. ज्यादातर मौकों पर उनके घर.
एयर शो के दौरान तेजस क्रैश
21 नवंबर 2025 को दुबई एयर शो के आखिरी दिन अल मकतूम इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर भारतीय वायुसेना का HAL तेजस Mk-1A फाइटर जेट प्रदर्शन के दौरान क्रैश हो गया. क्रैश से पहले तेजस ने कई सफल उड़ानें पूरी की, लेकिन लो-लेवल मैन्यूवर (कम ऊंचाई पर रोलिंग) के दौरान नियंत्रण खो दिया. विमान पीछे की ओर घूम गया, नोज़डाइव कर जमीन पर गिरा और आग लग गई. जिसमें पायलट नामांश स्याल की मौत हो गई.
