दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे के 5वें फेज का काम पूरा होने में अभी 6 महीने का समय और लग सकता है. यानी फेज 5 का काम तय समय से पीछे चल रहा है. इस फेज का काम इसी साल दिसंबर तक पूरा होना था, लेकिन (journey from Delhi to Prayagraj) ऐसा नहीं हो पाया. इसकी वजह किसानों के विरोध और मुआवजे से जुड़े विवादों के कारण बार-बार अटकने को बताई जा रही है, जबकि इस प्रोजेक्ट का काम कई सालों पहले शुरू हुआ था. अब चौथी बार फेज 5 के पूरे होने की डेट आगे बढ़ गई है.

NHAI के अधिकारियों का कहना है कि ज्यादातर समस्याएं दूर कर ली गई हैं और काम की रफ्तार बढ़ा दी गई है. कुछ किसानों की जमीन की पैमाइश बाकी है, जिसे जल्द पूरा किया जाएगा. उम्मीद है कि यह फेज अगले साल अप्रैल तक तैयार हो जाएगा. पांचवें फेज की खास बात यह है कि दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे को मेरठ में गंगा एक्सप्रेसवे से जोड़ा जाएगा. इसके बाद दिल्ली, गाजियाबाद, नोएडा और आसपास के जिलों के लोगों को गंगा एक्सप्रेसवे पर जाने में आसानी होगी और वह सीधे प्रयागराज तक सफर कर सकेंगे. इससे रोजाना आने-जाने वाले हजारों लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है.

journey from Delhi to Prayagraj – निर्माण एजेंसी ने दावा किया है कि अब तक 10 बड़े और 12 छोटे अंडरपास, 35 पुलिया और करीब 10 किलोमीटर सड़क तैयार हो चुकी है. बाकी करीब 4.6 किलोमीटर सड़क पर काम जारी है. कुल मिलाकर यह चरण 14.6 किलोमीटर लंबा है, जिसमें मेरठ का हिस्सा 9.13 किलोमीटर और गाजियाबाद का 5.47 किलोमीटर है. ये फेज मेरठ के 7 और गाजियाबाद के तीन गांवों से होकर गुजरेगा. NHAI के प्रोजेक्ट डायरेक्टर अरविंद कुमार का कहना है कि काम तेजी से कराया जा रहा है और तय समय में इसे पूरा करने की कोशिश की जा रही है.  

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