राजस्थान की जयपुर पुलिस ने एक ऐसे अंतर्राज्यीय मोबाइल चोर गिरोह से जुड़े सदस्यों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है, जो मोबाइल चोरी कर उन्हें झारखंड के रास्ते बांग्लादेश भेजते थे. हैरानी (horrifying story of this gang) की बात तो ये है कि इस गैंग के सदस्यों ने बताया कि उनक पूरे गांव की आजीविका ही चोरी है और मोबाइल चोरी करने के लिए उन्हें पहले ट्रेनिंग दी जाती है.

horrifying story of this gang – जयपुर पुलिस ने मोबाइल चोरी के मामले में झारखंड के साहेबगंज जिले के तालझारी थाना क्षेत्र के रहने वाले आरोपियों को गिरफ्तार किया, जिनमें सूरज महतो और सेख सोबराती शामिल हैं, जबकि एक नाबालिग को इस मामले में हिरासत में लिया गया है. आरोपियो के पास से मोबाइल स्नैचिंग के 31 मोबाइल बरामद किए, जिनकी कीमत 22 लाख रुपए बताई जा रही है.

गिरफ्तार आरोपियों ने पुलिस के सामने पूछताछ में कई चौंकाने वाला खुलासे किए. आरोपियों ने बताया कि झारखंड के साहिबगंज जिला स्थित उनके गांव के लोगों की मुख्य आजीविका ही मोबाइल चोरी और अन्य प्रकार की चोरी से चलती है. यानी उनका कहना है कि सिर्फ वही नहीं बल्कि उनके गांव में चोरी करना एक पेशा बन गया है और पूरे गांव के लोग ही चोरी करके अपना जीवन यापन करते हैं. आरोपियों ने ये भी बताया कि बाकायदा उन क्षेत्रों में मोबाइल स्नैचिंग की ट्रेनिंग दी जाती है और फिर ट्रेनिंग लेकर गैंग के सदस्य देश के अलग-अलग शहरों में जाकर मोबाइल चोरी की वारदातों को अंजाम देते हैं.

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