मध्य प्रदेश के उज्जैन में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है. यहां फ्रीगंज रेलवे ब्रिज के पास चार लुटेरों ने एक मजदूर से 500 रुपए छीनने के बाद उसे चलती ट्रेन के सामने फेंक दिया, जिससे (the extent of cruelty) उसकी टांग कट गई. राहगीरों की उसपर नजर पड़ी और उसे अस्पताल में भर्ती कराया.
the extent of cruelty – घायल युवक मक्सी के पास पलदूना गांव का रहने वाला है. बीती रात वह काम खत्म कर टिफिन लेकर फ्रीगंज की ओर लौट रहा था. जैसे ही वह जीरो प्वाइंट रेलवे ब्रिज के नीचे पहुंचा, तभी वहां खड़े चार युवकों ने उसे रोक लिया. लखन ने पहले तो उन्हें नजरअंदाज करने की कोशिश की, लेकिन जब बदमाशों ने जेब से पैसे निकालने को कहा तो वह घबरा गया.
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लखन के पास मेहनत-मजदूरी से कमाए केवल 500 रुपये ही थे. उसने पैसे देने से मना किया तो बदमाशों ने उसकी बेरहमी से पिटाई कर दी. डर के मारे लखन ने आखिरकार पैसे दे दिए, लेकिन जब बदमाशों ने देखा कि उसके पास सिर्फ 500 रुपये ही हैं, तो वे गुस्से में आगबबूला हो गए. उन्होंने उसे दोबारा मारा और बेरहमी की हद पार करते हुए रेलवे पटरी पर फेंक दिया.
होश आने पर बताया दर्दनाक सच
कुछ ही समय बाद वहां से तेज रफ्तार ट्रेन गुजरी और लखन की टांग कट गई. बताया जाता है कि चारों बदमाश तब तक वहीं खड़े रहे जब तक ट्रेन गुजर नहीं गई. घायल लखन बेहोशी की हालत में पड़ा रहा और बाद में किसी राहगीर ने उसे देख अस्पताल पहुंचाया. अस्पताल में होश आने के बाद उसने पुलिस को बताया कि उसकी कटी हुई टांग रेलवे पुलिया के नीचे पड़ी है. पुलिस ने मौके पर पहुंचकर उसकी टांग बरामद की और साक्ष्य एकत्र किए.

