ग्वालियर : सोशल मीडिया का खुमार लोगों पर इस क़दर हावी हो चुका है कि, बड़े क्या बच्चे भी इसकी जद में आ चुके हैं. रील्स के चक्कर में कुछ भी कर रहे हैं, जिस तरह किसी भी सुविधा का (murder of minor) लाभ मिलता है उसके दुष्परिणाम भी देखने को मिलते हैं. क्यों की आज कल एंटरटेनमेंट के लिए बनाये जा रहे रील्स और शॉर्ट वीडियोज बच्चों में आपराधिक प्रवृत्ति पैदा कर रहे हैं.
ग्वालियर के झाँसी रोड थाना क्षेत्र के गड्ढे वाला मोहल्ला में रहने वाले 17 साल के किशोर नितिन जाटव की 30 नवंबर को हत्या हो गई. वह दोपहर के समय पास के ही जंगल में शौच के लिए गया था. जब काफ़ी समय तक वह नहीं लौटा तो घरवाले उसे खोजने गए. नितिन खून से लथपथ हालत में मिला. इसके बाद पुलिस को घटना की जानकारी दी गई. परिजन उसे लेकर ट्रॉमा सेंटर पहुंचे लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई.
नितिन की मौत के बाद जब पुलिस ने इन्वेस्टीगेशन शुरू की तो कई बातें सामने आईं. छोटी उम्र में भी नितिन के कई लोगों से विवाद थे. ऐसे में कई छोटे-छोटे ग्रुप से नितिन के विवाद सामने आए. नितिन के मोहल्ले में ही रहने वाला चौदह साल का किशोर मनु (बदला हुआ नाम) पुलिस की नज़र में आया. क्योंकि आसपास पूछताछ में पुलिस को पता चला था कि मनु अपने कुछ दोस्तों से कह रहा था कि उसने अपना काम कर दिया है. ये बात पता चलते ही पुलिस ने इस एंगल पर काम शुरू किया. घटना स्थल के आसपास के कुछ सीसीटीवी फुटेज खंगाले तो मनु एक कुल्हाड़ी के साथ जंगल की और आते-जाते दिखाई दिया. जिसने पुलिस के शक को गहरा दिया.
murder of minor – बदले की आग में जल रहे नाबालिग को जल्द ही मौक़ा मिला और रविवार को उसने नितिन को जंगल की ओर जाते देखा. वह अपने साथ कुल्हाड़ी ले कर पीछे पीछे गया. कोई उसे देख ना ले इसके लिए वह मवेशियों के पीछे छिप कर गया और मौक़ा पाते ही नितिन के सिर पर कुल्हाड़ी से एक के बाद एक तीन वार किए जिससे वह वहीं लहूलुहान हो कर गिर पड़ा. इसके बाद आरोपी वहां से निकल आया और सामान्य रूप से अपने दोस्तों के बीच पहुंच गया. हालांकि पुलिस ने इस बात का पता लगा लिया और उसे गिरफ्तार कर लिया.

