तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के बाद एक्टर विजय की पार्टी टीवीके ने कांग्रेस के समर्थन से सरकार बनाने का दावा पेश कर दिया है. 234 विधानसभा सीटों वाली तमिलनाडु में सरकार बनाने के लिए 117 विधायकों की जरूरत होती है. हालिया चुनाव में विजय की पार्टी को 107 सीटों पर जीत मिली, जो बहुमत के जादुई आंकड़ों से 10 कम था. इसके (stir from Chennai to Delhi) बाद टीवीके ने कांग्रेस से समर्थन मांगा. दिलचस्प बात है कि तमिलनाडु में कांग्रेस को सिर्फ 5 सीटों पर जीत मिली है.
stir from Chennai to Delhi – दूसरी तरफ 53 सीटों पर जीत दर्ज करने वाली एनडीए गठबंधन की पार्टियां भी टीवीके को समर्थन देने के लिए तैयार थीं, लेकिन टीवीके ने उन दलों को तरजीह नहीं दी. वो भी तब, जब केंद्र में एनडीए की सरकार है. ऐसे में सवाल उठ रहा है कि एनडीए को इग्नोर कर टीवीके ने कांग्रेस का हाथ क्यों थामा है?
तमिलनाडु विधानसभा का समीकरण
चुनाव आयोग के मुताबिक तमिलनाडु की 234 में से 108 सीटों पर टीवीके को जीत मिली है. एक्टर विजय ने 2 सीटों पर जीत दर्ज की है. ऐसे में उन्हें बहुमत साबित करने से पहले एक पद से इस्तीफा देना होगा. इस स्थिति में तमिलनाडु की विधानसभा में बहुमत के लिए 117 सीटों की जरूरत होगी.
विजय ने कांग्रेस का हाथ क्यों थामा है?
1. तमिलनाडु विधानसभा चुनाव से पहले एक्टर विजय ने एक इंटरव्यू दिया था. इस इंटरव्यू में उन्होंने कहा था कि बीजेपी मेरा वैचारिक विरोधी है. डीएमके और एआईडीएमके राजनीतिक विरोधी है. चुनाव से पहले एक्टर विजय ने कांग्रेस के साथ गठबंधन की कोशिश की थी. हालांकि, कांग्रेस हाईकमान ने उस वक्त इस प्रस्ताव को ठुकरा दिया था.
2. एक्टर विजय एआईडीएमके साथ गठबंधन नहीं चाहते हैं. बीजेपी फिलहाल उसी के साथ गठबंधन में है. अकेले बीजेपी के पास सिर्फ तमिलनाडु की एक सीट है. यानी बीजेपी को साथ लाने से भी उनका हित नहीं सध रहा है. इसलिए विजय ने बीजेपी से दूरी बना ली.
3. तमिलनाडु में कांग्रेस का मजबूत जनाधार है. कांग्रेस को इस चुनाव में 16 लाख वोट मिले हैं. वहीं बीजेपी को 14 लाख वोट मिले हैं. तमिलनाडु में कांग्रेस के पास 9 सांसद हैं. कांग्रेस के साथ आने से आने वाले समय में तमिलनाडु की लड़ाई में विजय मुख्य धारा में बने रहेंगे.


