रायपुर: छत्तीसगढ़ की सियासत में एक बार फिर भूचाल आ गया है. पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव भूपेश बघेल की संभावित गिरफ्तारी से पहले कथित ‘सर्वे’ कराए जाने के (survey before the arrest) आरोप ने राजनीतिक गलियारों में सनसनी फैला दी है. कांग्रेस ने इसे न सिर्फ असंवैधानिक बताया, बल्कि केंद्र सरकार और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह पर तानाशाही और षड्यंत्रकारी राजनीति का सीधा आरोप लगा दिया है
survey before the arrest – छत्तीसगढ़ कांग्रेस मीडिया विभाग के प्रदेश अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने तीखा हमला बोलते हुए कहा कि भाजपा की केंद्र सरकार और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह यह सर्वे करवा रहे हैं, यदि भूपेश बघेल को गिरफ्तार किया गया, तो उसका छत्तीसगढ़ में क्या असर पड़ेगा. सुशील आनंद शुल्का ने सवाल उठाया और पूछा कि “किसने आपको यह अधिकार दिया कि आप गिरफ्तारी से पहले जनभावनाओं का सर्वे कराएं? यह सीधा-सीधा असंवैधानिक कृत्य है.
“सर्वे बताता है डर,जनता खड़ी हो जाएगी”
सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि यह सर्वे इस बात का प्रमाण है कि भाजपा को डर है. कांग्रेस ने कहा कि “आप जानते हैं कि यदि भूपेश बघेल के खिलाफ कोई राजनीतिक कार्रवाई हुई, तो छत्तीसगढ़ की जनता सरकार के खिलाफ सड़कों पर खड़ी होगी। और आपका डर बिल्कुल सही है.”
“यह कानून नहीं, षड्यंत्र की तैयारी है”
सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि, “यह कोई विधि सम्मत प्रक्रिया नहीं है, बल्कि एक पूर्व नियोजित साजिश है. पहले षड्यंत्र रचा जा रहा है, फिर उसके राजनीतिक असर का आकलन किया जा रहा है. सुशील आनंद शुक्ला ने इसे भाजपा की तानाशाही सोच और लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ बताया.

