बहुचर्चित निठारी कांड में बरी हुए सुरेंद्र कोली की हरिद्वार में हुई मौत के बाद करीब दो दशक पुराने इस मामले को लेकर एक बार फिर बड़े सवाल खड़े हो गए हैं. हरिद्वार के भूपतवाला इलाके में चाय की दुकान के अंदर सुरेंद्र कोली की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के बाद, निठारी कांड में अपनी जान गंवाने वाली बच्ची ज्योति के माता-पिता ने इसे सामान्य आत्महत्या मानने से इंकार कर दिया है.

🗣️ 2. ‘कोली जानता था कई बड़े राज, कराई गई है हत्या’: पीड़ित पिता झब्बू लाल और मां सुनीता ने जताई गहरी साजिश की आशंका

ज्योति के पिता झब्बू लाल और मां सुनीता ने गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया है कि सुरेंद्र कोली निठारी कांड से जुड़े कई ऐसे राज जानता था, जिनका वह खुलासा करने वाला था. परिवार का कहना है कि अगर कोली को आत्महत्या ही करनी होती, तो वह लंबे समय तक जेल में रहने के दौरान भी यह कदम उठा सकता था. परिजनों ने आशंका जताई है कि या तो उसकी हत्या कराई गई है या फिर किसी पुराने दबाव और वादों के पूरा न होने के कारण यह घटना घटी है.

☕ 3. ‘सदा राम’ बनकर हरिद्वार में चला रहा था चाय की दुकान, पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर कर रही है गहन छानबीन

गौरतलब है कि जेल से रिहा होने के बाद सुरेंद्र कोली अपनी पहचान छिपाकर हरिद्वार के भूपतवाला में ‘सदा राम’ के नाम से किराए की दुकान लेकर चाय का कारोबार कर रहा था और सामान्य जीवन जीने की कोशिश कर रहा था. हालांकि पुलिस का कहना है कि शुरुआती जांच में मामला आत्महत्या का प्रतीत होता है, लेकिन पीड़ित परिवार के बวानों और अन्य सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखते हुए पुलिस हर एंगल से गहराई से छानबीन कर रही है.

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