लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 में अभी समय बाकी है, लेकिन सत्ता की जंग से पहले ही इंडिया (INDIA) गठबंधन के भीतर सीटों के बंटवारे पर खींचतान शुरू हो गई है। सबसे ज्यादा चर्चा समाजवादी पार्टी (SP) और कांग्रेस के बीच होने वाले संभावित सीट-शेयरिंग फॉर्मूले की है। सूत्रों के अनुसार, सपा की (UP Election 2027 Seat Sharing) टीम कांग्रेस को करीब 60 से 70 सीटें देने का विकल्प तैयार कर रही है।
UP Election 2027 Seat Sharing – समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पहले भी साफ कर चुके हैं कि गठबंधन में सीटों की संख्या से अधिक यह महत्वपूर्ण है कि किस सीट पर किस दल के उम्मीदवार की जीत की गुंजाइश ज्यादा है। इसी रणनीति के तहत सपा का मानना है कि सिर्फ इस आधार पर कांग्रेस का दावा स्वीकार नहीं किया जाएगा कि वह वहां पहले चुनाव लड़ चुकी है। सपा की तरफ से कांग्रेस को यह संदेश देने की कोशिश है कि आज उस सीट पर कांग्रेस की जमीनी पकड़ कितनी मजबूत है, फैसला इसी आधार पर होगा।
सपा ने मांगी कांग्रेस के संभावित प्रत्याशियों की सूची
सीटों पर औपचारिक बातचीत से पहले सपा ने कांग्रेस नेतृत्व से संभावित जिताऊ उम्मीदवारों और उनके जनाधार की जानकारी मांगी है। इसका सीधा अर्थ है कांग्रेस को केवल सीटों की मांग करने के बजाय यह भी साबित करना होगा कि उन क्षेत्रों में उसके पास मजबूत स्थानीय ढांचा, कर्मठ कार्यकर्ता और चुनाव जीतने में सक्षम चेहरे मौजूद हैं, जो भाजपा या विरोधी दलों को सीधी शिकस्त दे सकें।
इन सीटों पर टिकी हैं सपा-कांग्रेस की नजरें
सूत्रों के मुताबिक, जिन जिलों की प्रमुख विधानसभा सीटों पर कांग्रेस अपना दावा ठोक रही है, उनमें रायबरेली, लखनऊ, गोरखपुर, महाराजगंज, आगरा, वाराणसी, बाराबंकी, लखीमपुर, अमेठी, गाजियाबाद, गौतमबुद्धनगर, गोंडा, जौनपुर, मेरठ, सहारनपुर, प्रतापगढ़, हाथरस, कानपुर और प्रयागराज शामिल हैं। इनमें से कई जिले ऐसे हैं जहां कांग्रेस का पुराना राजनीतिक आधार रहा है या फिर जहां शहरी और पारंपरिक मतदाता निर्णायक भूमिका निभाते हैं।
