जालंधर: किलोमीटर स्कीम की बसों का टैंडर खुलने के विरोध में पनबस व पी.आर.टी.सी. बसों का 2 घंटे तक चक्का जाम रहा जिसके चलते यात्रियों को भारी परेशानियां उठानी पड़ी। जहां एक तरफ पंजाब भर में बसें बंद की गई वहीं जालंधर बस अड्डे में भी अव्यवस्था का आलम देखने को मिला। दोपहर 12 बजे टैंडर खुलने के वक्त यूनियन (strike warning for across Punjab) द्वारा जालंधर के डिपो-1 व डिपो-2 से बसों परिचालन रोक दिया गया। पनबस-पी.आर.टी.सी. ठेका कर्मचारी यूनियन ने रूटों पर गई बसों को भी वापस बुलाना शुरू कर दिया और डिपुओं में बसों को बंद किया जाने लगा।
strike warning for across Punjab – मैनेजमैंट द्वारा यूनियन से बातचीत करके मसला हल करने के प्रयास किए जा रहे थे लेकिन यूनियन टैंडर को पूर्ण तौर पर रद्द करने की मांग पर अड़ी रही। इसके बाद मैनेजमैंट द्वारा पत्र जारी करके टैंडर को 28 नवम्बर तक स्थगित कर दिया। टैंडर को रद्द न किए जाने का भी यूनियन द्वारा विरोध जताया गया। इसी क्रम में डिपो-1 व डिपो-2 में यूनियन नेताओं ने मैनेजमैंट के खिलाफ रोष व्यक्ति किया।
वक्ताओं ने कहा कि निजी बस कम्पनियों को फायदा पहुंचाने के लिए किलोमीटर स्कीम के तहत टैंडर निकाले जा रहे हैं। इसके विरोध में यूनियन द्वारा बार-बार विरोध किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि 28 नवम्बर को टैंडर खोलने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई तो भारी विरोध होगी। इन फैसलों को किसी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। वक्ताओं ने कहा कि 28 नवम्बर के बाद पक्का मोर्चा लगाते हुए चंडीगढ़ में धरना प्रदर्शन शुरू किया जाएगा जोकि मांगों का हल होने तक लगातार जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि इसी के अन्तर्गत वह अनिश्चितकालीन हड़ताल करने को मजबूर होंगे।

