दिल्ली पुलिस की सिमी ब्रांच (ARSC) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक अंतरराष्ट्रीय वाहन चोर गिरोह का पर्दाफाश किया है. इस गैंग के तार दुबई से जुड़े पाए गए हैं, जहां से इसका मास्टर माइंड शारिक साठा और उसका भतीजा आमिर पाशा पूरे नेटवर्क को चला रहे थे. पुलिस ने अब तक 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया है और (story of uncles nephew gang) उनके कब्जे से 15 महंगी चोरी की गाड़ियां बरामद की हैं. इसके अलावा नकली नंबर प्लेट, फर्जी आरसी और डुप्लीकेट चाबियां भी बरामद की गई हैं.

क्राइम ब्रांच की डीसीपी अपूर्वा गुप्ता ने बताया कि इस पूरे ऑपरेशन की शुरुआत आरोपी ताज मोहम्मद उर्फ ताजू की गिरफ्तारी से हुई, जिसे 18 अगस्त 2024 को पकड़ा गया था. पूछताछ में ताज ने गिरोह के पूरे ढांचे का खुलासा किया. इसके बाद पुलिस ने मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों में छापेमारी कर अन्य आरोपियों को पकड़ा. 26 फरवरी 2025 को तीन और आरोपियों को पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर पकड़ा गया, जब वो चोरी की गाड़ियों को लेकर जा रहे थे.

story of uncles nephew gang – क्राइम ब्रांच की डीसीपी ने बताया कि गिरोह का मास्टर माइंड शारिक साठा और आमिर पाशा दुबई से पूरे नेटवर्क का संचालन करते थे. वह तकनीकी उपकरण जैसे कि की-प्रोग्रामर, ब्लैंक चाबी और जीपीएस स्कैनर भारत भेजते थे. गिरोह के सदस्य एक-दूसरे की पहचान नहीं रखते थे, जिससे पुलिस तक पहुंचना मुश्किल हो जाता था. ताज मोहम्मद के अलावा गिरफ्तार आरोपियों की पहचान इमरान खान उर्फ गुड्डू, कुनाल जयसवाल, अकबर, मतीन खान, नागेंद्र सिंह, मनीष आर्य और नदीम के रूप में हुई है.

 

 

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