अयोध्या : रामलला की जन्मभूमि अयोध्या में शुरू हुए दीपोत्सव के दौरान (Special Festival Of Lights) उनकी जन्मभूमि स्थित अस्थाई मंदिर के आखिरी दीपोत्सव को खास बनाया जा रहा। चूंकि, इसके बाद होने वाले दीपोत्सव में भगवान श्रीराम का नया मंदिर इस दृश्य को खुद में समेटने को तैयार होगा। उल्लेखनीय है कि देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के हाथों 22 जनवरी को भगवान श्रीराम की प्राण प्रतिष्ठा होनी है। इसी दिन रामलला अपने गर्भगृह में विराजमान हो जाएंगे और उनकी पूजा अर्चना शुरू हो जाएगी।
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ज्ञातव्य हो कि अभी अयोध्या में भगवान श्रीराम का पूजन अस्थाई मंदिर में हो रहा है। इस वर्ष अस्थाई मंदिर के गर्भगृह में विराजमान रामलला के दर्शन का अंतिम दीपोत्सव है। इसलिए इस दीपोत्सव को खास बनाया जा रहा है।देसी गाय के गोबर से बने 10 हजार विशेष दीयों को रामलला के सामने जलाने की व्यवस्था है। पूरा गर्भगृह, इन्हीं दीपकों से गुलजार होगा। दीपोत्सव के दौरान उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मौजूद रहेंगे। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की ओर से उन्हें न्योता दिया जा चुका है और उन्होंने अपनी सहमति भी जता दी है। इन दीपकों का निर्माण अयोध्या के ही कान्हा गौशाला में हुआ है।
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Special Festival Of Lights – रामलला के मुख्य पुजारी अचार्य सत्येंद्र दास का कहना है कि रामलला के अस्थायी गर्भगृह का यह आखिरी दीपोत्सव बहुत खास होगा। रामलला के दरबार को भव्यता दी जा रही है। रामलला दरबार को फूलों से सजाया भी जा रहा है। गाय के गोबर से तैयार 10 हजार दीपक जलाए जाएंगे। रामलला आज नया वस्त्र धारण करेंगे। विविध प्रकार की मिष्ठानों का भोग भी लगाएंगे।

