जबलपुर : मध्य प्रदेश के जबलपुर में मंगलवार को स्मार्ट मीटर लगाने के दौरान जमकर विवाद सामने आया है. विवाद के बाद पुलिस और प्रशासन खुद मौके पर पहुंचा, उनके हस्तक्षेप के बाद स्मार्ट मीटर (meter changed under shadow of police) लगाया गया. बिजली कर्मचारियों ने बताया कि इस क्षेत्र में सबसे ज्यादा बिजली की चोरी होती है. पुराने मीटर में छेड़छाड़ के सबूत भी मिले हैं.
स्मार्ट मीटर लगाने के दौरान बवाल
जबलपुर शहर में लगभग 6 लाख स्मार्ट मीटर लगाए जाने हैं. इसमें से 75% काम पूरा हो गया है. लेकिन अभी भी कुछ इलाकों में लोग स्मार्ट मीटर लगवाने के लिए तैयार नहीं है. जबलपुर में रद्दी चौकी के पास मौजूद कॉलोनी में स्थानीय लोग बिजली विभाग के ठेकेदारों और अधिकारियों को स्मार्ट मीटर नहीं लगने दे रहे हैं.
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meter changed under shadow of police – मंगलवार को बिजली विभाग के ठेकेदार और अधिकारी अपने साथ एसडीएम पंकज मिश्रा और पुलिस की पूरी टीम को लेकर मौके पर पहुंचे. जिसके बाद पुलिस की मौजूदगी में पुराने बिजली मीटर को बदलकर स्मार्ट मीटर लगाया गया.
पुराने मीटर में छेड़छाड़
प्रशासन की मौजूदगी में स्थानीय लोगों ने स्मार्ट मीटर का जमकर विरोध किया और मीटर बदलने के लिए एक महीने का समय मांगा. लेकिन इस बार प्रशासन ने किसी की एक नहीं सुनी और पुलिस की मौजूदगी में स्मार्ट मीटर लगा दिए. स्मार्ट मीटर लगाने के दौरान जब पुराने मीटर निकाले गए तो पता चला कि मीटर के साथ छेड़छाड़ की गई है. मीटर निकाल रहे कर्मचारियों ने बताया कि मीटर के पीछे एक छेद बनाया गया है. जिसकी वजह से पुराने मीटर धीमे चलते हैं और आसानी से बिजली की चोरी की जा सकती है.

