पश्चिम बंगाल के बांग्लादेश से सटे उत्तर 24 परगना के हकीमपुर बॉर्डर ऑउटपोस्ट पर लगातार बांग्लादेश से अवैध रूप से भारत में प्रवेश किए लोगों की भीड़ उमड़ रही है. बच्चों, महिलाओं के साथ हकीमपुर पहुंच रहे लोग वापस बांग्लादेश जाने के लिए बीएसएफ जवानों से फरियाद कर रहे हैं. इनकी तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं. यह दावा किया जा रहा है कि SIR के भय से भारत में लंबे समय से रह रहे बांग्लादेशी घुसपैठिए अब वापस (SIR’s fear or Mamata’s strategy) बांग्लादेश लौट रहे हैं. ये खबर और तस्वीरें वायरल होने के बाद पश्चिम बंगाल के राज्यपाल सीवी आनंद बोस खुद हकीमपुर बॉर्डर आउटपोस्ट पर पहुंचें और वहां की स्थिति की समीक्षा की. राज्यपाल ने अवैध बांग्लादेशियों के कथित ‘रिवर्स माइग्रेशन’ की रिपोर्ट्स की समीक्षा की.
हालांकि बुधवार को जिस दिन राज्यपाल बॉर्डर आउटपोस्ट पर पहुंचें. उस दिन वहां से बांग्लादेश लौटने वालों का जत्था लापता था. वहां न तो कोई कतार थी और न ही बांग्लादेश लौटने वाले लोगों की भीड़ थी, जो वापस बांग्लादेश लौटना चाहते थे.
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SIR’s fear or Mamata’s strategy – राज्यपाल ने बुधवार को हकीमपुर ऑउटपोस्ट का दौरा किया था, लेकिन उनके वापस लौटने के बाद फिर से हकीमपुर आउटपोस्ट पर अवैध बांग्लादेशियों की भीड़ उमड़ पड़ी है और वे वापस बांग्लादेश लौटना चाहते हैं.
गौरतलब है कि बांग्लादेश लौटने वाले ज्यादातर लोग मुस्लिम समुदाय से हैं और इनमें से अधिकतर लोगों की कहना है कि वे लोग अवैध रूप से भारत में प्रवेश किए थे, लेकिन अब एसआईआर की प्रक्रिया चल रही है और मतदाता सूची के शुद्धिकरण का काम चल रहा है. ऐसे में 2002 या 2003 की एसआईआर की लिस्ट में उनके या उनके परिवार का नाम नहीं है. ऐसे में वे आशंकित हैं और उन्हें भय है कि उन्हें देश से बाहर भेज दिया जाएगा. इस वजह से वे लोग स्वतः ही बांग्लादेश लौटना चाहते हैं.

