इंदौर भारत निर्वाचन आयोग द्वारा मतदाता सूची के सुधार के लिए मध्य प्रदेश सहित 12 राज्यों में विशेष पुनरीक्षण कार्यक्रम (SIR) जोर-शोर से चल रहा है. बीएलओ घर-घर जाकर मतदाताओं को फॉर्म वितरण (SIR stuck in Madhya Pradesh) कर रहे हैं. इस बीच मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की इंदौर खंडपीठ में इस प्रक्रिया के विरोध में याचिका दाखिल की गई है. इस मामले में सुनवाई 26 नवंबर को होनी है.

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राज्य निर्वाचन आयोग ने मध्य प्रदेश की सभी नगरीय निकायों में आगामी चुनाव के लिए मतदाता सूची पुनरीक्षण के लिए अगस्त माह में कार्यक्रम जारी किया था, और दावे-आपत्तियां प्राप्तकी. हाल ही में भारत निर्वाचन आयोग ने विशेष पुनरीक्षण कार्यक्रम (SIR) के निर्देश दिए हैं. कांग्रेस के पूर्व पार्षद दिलीप कौशल ने याचिका में कहा “मध्य प्रदेश निर्वाचन नियम 1994 के उपनियम त्रुटिपूर्ण हैं.

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 SIR stuck in Madhya Pradesh – याचिका में पुनरीक्षण कार्यक्रम के दौरान जोड़े और घटाए जाने वाले मतदाताओं के आवेदनों को सार्वजनिक नहीं किये जाने, भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार मतदान केंद नहीं बनाने सहित अपात्र कर्मचारियों को BLO बनाने जैसे मुद्दे उठाए गए हैं. याचिका में बताया गया है “इंदौर नगर निगम क्षेत्र में एक भवन पर हजारों मतदाताओं के नाम होने का उल्लेख हैं. ये कुछ ऐसे तथ्य हैं, जिसके आधार पर मतदाता सूची पुनरीक्षण कार्यक्रम को निरस्त किया जाना चाहिए.”

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