इंदौर: हरफनमौला किशोर कुमार के दुनिया भर में कई दीवाने हैं, लेकिन किशोर की कर्मभूमि इंदौर में उन्हें चाहने वालों ने अब उनकी यादों को स्थाई बनाने की पहल की है. लिहाजा शहर में अब हर साल किशोर की याद में अलंकरण समारोह का आयोजन होगा. जिसमें किशोर को उनके ही गानों के जरिए याद किया जाएगा. यहां पहला (echo of Kishore Kumar’s songs) आयोजन हाल ही में होने जा रहा है. जिसमें किशोर कुमार की पोती यानि पुत्र अमित कुमार की बेटी भी किशोर के कॉलेज में गाना गाएगी.

किशोर कुमार का जन्म 4 अगस्त 1929 को खंडवा में हुआ था, लेकिन उनकी जवानी के दिन इंदौर में गुजरे. इंदौर के क्रिश्चियन कॉलेज की कैंटीन से उधार लेकर खाना और दोस्तों को खिलाना आज भी याद किया जाता है. उन्होंने अपने गानों की शुरुआत इंदौर से की, हालांकि बाद में वह मुंबई चले गए. जहां उन्होंने अपने हुनर की बदौलत गायकी के साथ अभिनय निर्देशन और गीतकार के रूप में खुद को स्थापित किया. आज भी प्रशंसक उनकी बहुमुखी प्रतिभा की कायल हैं.

echo of Kishore Kumar’s songs – किशोर कुमार ने अपने जीवन काल में करीब 16000 से ज्यादा गाने गाये, लेकिन उनके कुछ गाने ऐसे हैं, जो आज भी इंदौर और उनकी जन्म भूमि खंडवा की याद दिलाते हैं. किशोर कुमार को 8 फिल्मफेयर अवार्ड मिले. किशोर कुमार की जन्मस्थली खंडवा में हर साल आयोजन होता है, लेकिन इंदौर में उनके प्रशंसकों की कोशिश है कि इंदौर में उनके कॉलेज परिसर को तीर्थ के रूप में विकसित किया जाए. जिससे कि किशोर के चाहने वाले यहां आकर अपने पसंदीदा गायक कलाकार को जाकर याद कर सकें.

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