कर्नाटक में सिद्धारमैया सरकार के ढाई साल पूरे होने के बाद से ही सत्ता की कमान के बदलाव पर चर्चाएं शुरू हुईं. हालांकि, कर्नाटक कांग्रेस अध्यक्ष रणदीप सुरजेवाला ने इन चर्चाओं पर विराम लगा दिया था. लेकिन, इसी बीच मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे से उनके घर पर मुलाकात की है. इनकी (Siddaramaiah met Kharge) मुलाकात के बाद फिर से खींचातानी शुरू हो गई है. हालांकि, सिद्धरमैया ने खरगे के साथ अपनी मुलाकात को शिष्टाचार भेंट बताया. उन्होंने राज्य में चल रही नेतृत्व बदलाव की बात को भी खारिज कर दिया.
दरअसल, सिद्धरमैया और उप मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के बीच मुख्यमंत्री की कुर्सी को लेकर खींचतान चल रही है. मुख्यमंत्री ने दावा किया कि वह अपने पद पर बने रहेंगे और भविष्य में राज्य का बजट भी पेश करेंगे. उनकी इस बात पर शिवकुमार ने उन्हें ऑल द बेस्ट कहकर जवाब दिया. सिद्धरमैया ने खरगे से मुलाकात के बाद मीडिया से कहा कि यह शिष्टाचार भेंट थी. हालांकि, इस दौरान हमने संगठन और बेंगलुरु महानगरपालिका सहित अगामी स्थानीय निकाय चुनावों पर भी चर्चा की.
Siddaramaiah met Kharge – क्या राज्य में मुख्यमंत्री बदलने को भी लेकर चर्चा हुई तो इस सवाल के जवाब में सीएम सिद्धारमैया ने कहा कि यह सिर्फ अटकलें हैं. मीडिया की तरफ से इसी बनाया गया है. मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि उन्होंने खरगे से यह नहीं पूछा कि कर्नाटक के कुछ कांग्रेस विधायक उनसे दिल्ली में क्यों मिले? उन्होंने कहा कि अगर मुझे विधायकों के खरगे से मिलने के पीछे की वजह के बारे में जानकारी इकट्ठा करनी है, तो मैं खुफिया विभाग से इकट्ठा करुंगा. मैंने विधायकों से यह नहीं पूछा है कि वे वहां क्यों गए थे?

