Close Menu
करंट न्यूज़करंट न्यूज़
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Trending
    • ट्रेनी आईपीएस उदय कृष्ण रेड्डी निलंबन व गिरफ्तारी के बाद चर्चा में आया पुलिस अकादमी, यौन उत्पीड़न का लगा गंभीर आरोप
    • FSSAI का शराब कंपनियों पर बड़ा चाबुक, एंटीक्विटी, रॉयल चैलेंज और ओल्ड मोंक के चुनिंदा वेरिएंट्स पर बैन
    • दतिया उपचुनाव परिणाम: 6016 वोटों की बढ़त से जीते कांग्रेस के घनश्याम सिंह, जानें दतिया राजघराने के मुखिया का राजनीतिक सफर
    • ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के संस्थापक अभिजीत दीपके का बड़ा दावा: दिल्ली पुलिस ने छात्रों पर की बर्बरता, सोनम वांगचुक को किया गया था किडनैप
    • सिद्धिविनायक मंदिर में ₹18 करोड़ की चोरी का खुलासा: 46 कर्मचारी निलंबित, 9 गिरफ्तार; सदा सरवनकर ने UBT पर साधा निशाना
    • आरएसएस (RSS) सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत 6 अगस्त को मुंबई में Gen Z और Gen Alpha के छात्रों से करेंगे संवाद
    • दिल्ली सरकार का बड़ा एक्शन: रोहिणी के प्राइवेट स्कूल को ‘टेकओवर’ का नोटिस, ₹15.60 करोड़ की वित्तीय धोखाधड़ी का खुलासा
    • मुफ्त तीर्थ यात्रा योजना: रहने-खाने से लेकर ट्रेन व फ्लाइट तक की सुविधा मुफ्त, जानें कैसे करें ऑनलाइन आवेदन
    करंट न्यूज़करंट न्यूज़
    Facebook X (Twitter) Instagram YouTube
    Tuesday, August 4
    • होम
    • राज्य
      • दिल्ली
      • उत्तर प्रदेश
      • उत्तराखण्ड
      • मध्य प्रदेश
      • छत्तीसगढ़
      • हिमांचल प्रदेश
      • पंजाब
      • झारखण्ड
      • बिहार
      • राजस्थान
      • हरियाणा
      • गुजरात
      • महाराष्ट्र
      • जम्मू कश्मीर
    • देश
    • विदेश
    • मनोरंजन
    • खेल
    • टेक्नोलॉजी
    • धार्मिक
    • लाइफ स्टाइल
    करंट न्यूज़करंट न्यूज़
    Home » आजम से मुलाकात के बाद शिवपाल हुए आक्रामक, समाजवादियों में बेचैनी बढ़ी

    आजम से मुलाकात के बाद शिवपाल हुए आक्रामक, समाजवादियों में बेचैनी बढ़ी

    April 23, 2022 उत्तर प्रदेश 3 Mins Read
    Share
    Facebook Twitter Email WhatsApp Copy Link

    सीतापुर जेल में शिवपाल यादव ने शुक्रवार को आजम खां से मुलाकात की और पहली बार अपने बड़े भाई मुलायम सिंह यादव पर ही निशाना साध दिया है। शिवपाल के इस आक्रामक (Shivpal Got Aggressive) रुख से सपा में भी बेचैनी है। अब लगता है कि उन्होंने अपने लिए अलग रास्ता चुन लिया है। परिवार में, सैफई में या यादव लैंड में उनकी भूमिका महत्वाकांक्षा से भरी होगी तो टकराव अभी और बढ़ेगा।

    इसे भी पढ़ें – CM योगी के ट्वीट का असर, गोरखपुर की मस्जिदों एवं मंदिरो में लगे लाउडस्पीकर की आवाज हुई धीमी

    अगर आजम खां और शिवपाल साथ आए तो समाजवादी पार्टी का MY यानी मुस्लिम-यादव समीकरण बिगड़ सकता है। यूपी में मुस्लिम अगर आजम खां के साथ लामबंद हुए तो सपा का बड़ा नुकसान तय है। इस चुनाव में करीब 90 फीसदी मुस्लिम वोट सपा को मिला है। मुस्लिम वोटों के कारण ही पश्चिमी यूपी की सीटों पर अधिकांश मुस्लिम विधायक जीते। दोनों मिल कर दल बनाते हैं तो यह सपा के लिए मुश्किल हालात पैदा होना तय है। इसमें अगर ‌ओवैसी भी साथ आए तो यह गठबंधन और मजबूत होगा।

    Shivpal Got Aggressive – असल में लंबे अर्से से परिवार के मुखिया की भूमिका निभा रहे मुलायम सिंह यादव ने सियासत में अपने परिवार के सदस्यों की भूमिका मोटे तौर पर तय कर दी थी। अखिलेश के सीएम बनने से पहले तक मुलायम ही सर्वेसर्वा थे। पार्टी संगठन का काम शिवपाल के जिम्मे था। शिवपाल (Shivpal Got Aggressive) दूसरे छोटे-छोटे दलों से गठजोड़ कर मोर्चा बनाने की रणनीति पर भी काम करते रहे हैं। कारपोरेट जगत से रिश्ते बनाने का काम अमर सिंह देखते थे।

    इसे भी पढ़ें – ग्राम पंचायतों में ओपन जिम खोलेगी योगी सरकार, खूब-खेलो-खूब बढ़ो’ मिशन के तहत युवाओं के सपने होंगे साकार

    रामगोपाल यादव संसद में लंबे समय से सपा के चेहरा रहे हैं। दिल्ली की सियासत में सपा भूमिका को प्रसांगिक बनाने की जिम्मेदारी उनकी ही है। वैचारिक पक्ष को मजबूती से रखने का काम जनेश्वर मिश्र, मोहन सिंह, मधुकर दिघे अन्य समाजवादी बखूबी करते थे। वक्त के साथ कई नेता दिवंगत हो गए। अखिलेश सीएम बन गए उसके बाद सत्ता हाथ से निकल गई और सपा या यूं कहिए मुलायम परिवार में आंतरिक कलह थमने के बजाए बढ़ ही रही है।

    जब सपा में अंतर्कलह चरम पर थी तब दोनों पक्षों में समझौता कराने के लिए आजम खां मध्यस्थता कराने की कोशिश करते दिखते थे। वर्ष 2016 में वह कभी अखिलेश यादव के आवास जाते तो कभी शिवपाल के घर। आजम खां का भी उनके प्रति नर्म रवैया रहा। जब आजम खां सपा छोड़ कर चले गए थे, तब शिवपाल यादव व अन्य नेताओं ने आजम की वापसी सुनिश्चित कराई। दिलचस्त यह कि शिवपाल की दिवंगत अमर सिंह से भी नजदीकी रही जबकि अमर सिंह व आजम खां के बीच दोस्ती ज्यादा नहीं चली और बाद में रिश्ते बिगड़ते चले गए।

    इसे भी पढ़ें – सीतापुर जेल में आजम खान से मिले शिवपाल, अलग राजनीतिक खिचड़ी पकाने के कयास

    आजम खां के लिए मुश्किल वक्त में किसने कितना साथ दिया, किसने अकेला छोड़ दिया। इन सब आरोपों पर सटीक जवाब खुद आजम खां ही दे सकते हैं। माना जा रहा है कि अब उन्हें जमानत मिल सकती है जब उनकी खामोशी टूटेगी। तब साफ होगा कि आजम खां के मीडिया प्रभारी व अन्य मुस्लिम नेताओं के आरोपों से वह खुद सहमत हैं या नहीं। मुलायम सिंह को रफीक-ए-मुल्क बताने वाले आजम खां की उनके बारे में अब भी वही सोच है या जेल में बिताए मुश्किल वक्त ने उन्हें बदल दिया है।

    Follow on Google News Follow on Facebook Follow on X (Twitter) Follow on YouTube Follow on WhatsApp
    Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Email Telegram WhatsApp Copy Link

    Keep Reading

    प्रयागराज में राहुल गांधी के ‘गूंज’ छात्र संवाद की तैयारियों के बीच हंगामा! कांग्रेस बैठक में आपस में भिड़े कार्यकर्ता

    “बच्चों को ‘कॉकरोच’ नहीं, विवेकानंद और दयानंद बनाएं”: मुरादाबाद गुरुकुल में बोले आचार्य प्रमोद कृष्णम

    जौनपुर की शाहजहां बानो बनीं ‘प्रतीक्षा’: सनातन धर्म अपनाकर बरेली के आश्रम में प्रेमी पवन संग रचाया विवाह

    राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में नई SIT का कड़ा एक्शन, 200 से अधिक लोगों को पुलिस का नोटिस जारी

    सहारनपुर में इंस्टाग्राम लव का खौफनाक अंत, प्रेमी के लिए मां ने छोड़ा घर; नाले में मिला 6 माह के मासूम का शव

    गोरखपुर में 10 साल की मासूम की बेरहमी से हत्या, डायल-112 में तैनात आरोपी सिपाही गिरफ्तार

    • Facebook
    • YouTube
    • WhatsApp
    Facebook X (Twitter) Instagram YouTube

    राज्य -  दिल्ली    उत्तर प्रदेश    उत्तराखण्ड    मध्य प्रदेश    छत्तीसगढ़    हिमांचल प्रदेश    पंजाब    झारखण्ड    बिहार   राजस्थान    हरियाणा

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.