पाकिस्तान की सियासत के बीच चल रही उथल-पुथल में प्रधानमंत्री इमरान खान के बाद सबसे ज्यादा चर्चा में विपक्षी नेता शहबाज शरीफ (Shehbaz Sharif) हैं। संभावना जताई जा रही है कि अगर खान के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव बहुमत से पास होता है तो शरीफ (Shehbaz Sharif) उनकी जगह नए वजीर ए आजम हो सकते हैं। नेशनल असेंबली में 174 सदस्यों ने खान के खिलाफ वोट कर सत्ता से बाहर किया। खास बात है कि पाकिस्तान में अविश्वास प्रस्ताव के जरिए सत्ता गंवाने वाले इमरान पहले प्रधानमंत्री हैं।

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70 वर्षीय शहबाज शरीफ पाकिस्तान के तीन बार के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के छोटे भाई हैं। उन्हें प्रशासनिक स्तर पर काम करने के खास तरीके के लिए जाना जाता है। पंजाब का मुख्यमंत्री रहते हुए शरीफ ने कई बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स की योजना बनाई और उन्हें हकीकत बनाया है। इनमें लाहौर स्थित पाकिस्तान का पहला आधुनिक परिवहन व्यवस्था भी शामिल है खास बात है कि अपने भाई नवाज के विपरीत शहबाज को सेना के साथ अच्छे रिश्ते रखने के लिए भी जाना जाता है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इमरान खान के प्रधानमंत्री कार्यकाल की तुलना में शरीफ राजनीतिक वंश का झुकाव भारत के प्रति ज्यादा सकारात्मक है।

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Shehbaz Sharif – शरीफ का जन्म लाहौर से अमीर परिवार में हुआ, जो उद्योग से जुड़ा हुआ था। उनकी शिक्षा पाकिस्तान में ही हुई। पढ़ाई के बाद वे परिवार के कारोबार का हिस्सा बने और पाकिस्तान की एक स्टील कंपनी के सह मालिक हैं।उन्होंने सियासी सफर की शुरुआत पंजाब से की और साल 1997 में पहली बार मुख्यमंत्री बने। सैन्य तख्तापलट के बाद उन्हें कैद किया गया और 2000 में सऊदी अरब निर्वासन में भेज दिया गया। 2007 में उन्होंने पाकिस्तान और पंजाब की राजनीति में वापसी की। पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज का प्रमुख बनने के साथ उन्होंने राष्ट्रीय राजनीति में कदम रखा। खास बात है कि दोनों शरीफ भाइयों पर भ्रष्टाचार के आरोप लगे, लेकिन शहबाज पर कभी आऱोप साबित नहीं हुए।

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