भारतीय राजनीति में समाजवादी सियासत के सिरमौर शरद यादव (Sharad Yadav Passed Away) नहीं रहे। उन्होंने गुरुग्राम के एक निजी अस्पताल में अंतिम सांस ली। शरद यादव यादव 75 वर्ष के थे। पूर्व केंद्रीय मंत्री यादव के परिवार में उनकी पत्नी, एक बेटी और एक बेटा है।फोर्टिस मेमोरियल रिसर्च इंस्टीट्यूट ने बयान जारी कर बताया कि शरद यादव को अचेत अवस्था में आपातकालीन वार्ड में लाया गया था। जांच के दौरान उनकी नाड़ी नहीं चल रही थी। उपचार के सभी प्रयास नाकाम रहे। रात 10.19 बजे उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।
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शरद यादव के दामाद राज कमल राव ने बताया कि उन्हें कार्डियक अरेस्ट हुआ था, हम उन्हें अस्पताल ले गए। वहां पहुंचने के बाद डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। उन्हें किडनी की समस्या थी और डायलिसिस पर थे। उनके पार्थिव शरीर को मध्य प्रदेश में उनके पैतृक गांव ले जाया जाएगा, जहां अंतिम संस्कार किया जाएगा।शरद यादव यादव 1989 में वीपी सिंह नीत सरकार में मंत्री थे। उन्होंने 90 के दशक के अंत में अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व वाली सरकार में भी मंत्री के रूप में कार्यभार संभाला। 1990 में बिहार के मुख्यमंत्री बने लालू प्रसाद यादव को एक समय उनका समर्थन प्राप्त था। उन्होंने सियासत में बड़े कद को प्राप्त किया।
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Sharad Yadav Passed Away – शरद यादव अपनी बेबाक बयानबाजी के लिए जाने जाते रहे हैं। जनवरी 2017 में शरद यादव का एक और बयान चर्चा में आया था। जिस पर विवाद शुरू हो गया था। उन्होंने अपने संबोधन में कहा था कि बैलट पेपर कैसे काम करता है, इस बारे में लोगों को बड़े पैमाने पर शिक्षित करना बहुत महत्वपूर्ण है। वोट डालने में सक्षम होने का सम्मान आपकी बेटी के सम्मान से कहीं बड़ा सम्मान है। उस समय राज्यसभा सांसद रहे यादव ने कहा था कि अगर एक बेटी की इज्जत का हनन होता है तो उसके मोहल्ले और उसके गांव की इज्जत चली जाती है, लेकिन अगर एक वोट बिकता है तो देश की इज्जत जाती है। भविष्य के लिए हमारे सारे सपने उड़ जाते हैं।

