नई दिल्ली: एयर इंडिया की फुकेट-दिल्ली फ्लाइट (A320) में भीषण टर्बुलेंस (हवाई झटके) की घटना को लेकर एक और अत्यंत चौंकाने वाली जानकारी उजागर हुई है। मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया है कि (drunk pilot slept for 35 minutes) उड़ान के दौरान जो मुख्य ‘पायलट-इन-कमांड’ नशे की हालत में विमान उड़ा रहा था, वह बीच हवा में करीब 30 से 35 मिनट के लिए सो गया था।
drunk pilot slept for 35 minutes – जांच अधिकारियों द्वारा की गई पूछताछ में आरोपी पायलट ने स्वीकार किया कि व्यक्तिगत कारणों, पारिवारिक चिंताओं और अत्यधिक मानसिक तनाव के चलते उसे काफी समय से अनिद्रा (Insomnia) की गंभीर समस्या थी, जिसके निवारण हेतु वह डॉक्टर की परामर्श पर नींद की गोलियां ले रहा था।
जांच में आरोपी पायलट ने बताया कि नींद न आने की बीमारी के कारण उसने उड़ान के दौरान केवल 30-35 मिनट की नींद ली थी। इसके अतिरिक्त, मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, पायलट ने उड़ान के दौरान क्रू मेंबर्स (विमानकर्मियों) से धूम्रपान (Smoke) करने हेतु लाइटर की मांग भी की थी, जो नागरिक उड्डयन सुरक्षा नियमों का गंभीर उल्लंघन है। इस चौंकाने वाले खुलासे के बाद एविएशन सेक्टर में सुरक्षा मानकों को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
डोप टेस्ट में मारिजुआना की पुष्टि के बाद सामने आई विमान की गंभीर तकनीकी कमियां
उल्लेखनीय है कि इस घटनाक्रम से पूर्व यह बात सामने आई थी कि पायलट का डोप टेस्ट पॉजिटिव निकला है और वह मारिजुआना (गांजा) के प्रभाव में विमान उड़ा रहा था। तत्पश्चात समाचार एजेंसी पीटीआई (PTI) ने आधिकारिक सूत्रों के हवाले से रिपोर्ट दी कि विमान में केवल मानवीय लापरवाही ही नहीं, बल्कि कई गंभीर तकनीकी खामियां भी मौजूद थीं। रिपोर्ट के अनुसार, उड़ान के दौरान विमान का हाइड्रोलिक सिस्टम (Hydraulic System) तीन बार विफल (फेल) हुआ था।


