गौरेला-पेंड्रा-मरवाही (छत्तीसगढ़): मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ की सीमा पर स्थित पवित्र अमरकंटक में संचालित इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय (IGNTU) से एक दुखद घटना सामने आई है।
विश्वविद्यालय के परिसर में बीसीए (BCA) की एक छात्रा ने रविवार की सुबह अपने हॉस्टल के कमरे में खुदकुशी करने की कोशिश की। घटना की जानकारी मिलते ही हॉस्टल और यूनिवर्सिटी परिसर में अफरा-तफरी मच गई। छात्रा की शारीरिक स्थिति बेहद नाजुक होने के कारण उसे प्राथमिक उपचार के बाद तुरंत सीमावर्ती जिले गौरेला-पेंड्रा-मरवाही (GPM) के जिला अस्पताल के लिए रेफर किया गया, जहां वह चिकित्सकों की विशेष देखरेख में जिंदगी और मौत से संघर्ष कर रही है।
👩🎓 शहडोल की रहने वाली है छात्रा: रानी दुर्गावती गर्ल्स हॉस्टल के कमरे में घटी घटना
छात्रा की पृष्ठभूमि और घटनाक्रम:
-
शहडोल जिले की निवासी: पीड़ित छात्रा मूल रूप से मध्य प्रदेश के शहडोल जिले की रहने वाली है और अमरकंटक विश्वविद्यालय में उच्च शिक्षा प्राप्त कर रही है।
-
अंतिम वर्ष की छात्रा: वह बीसीए (BCA) फाइनल ईयर की पढ़ाई कर रही है और परिसर के भीतर स्थित रानी दुर्गावती गर्ल्स हॉस्टल के कमरे में रहती है।
-
कमरे में अकेली थी छात्रा: रविवार सुबह कमरे में साथ रहने वाली अन्य रूममेट छात्राएं दैनिक क्रिया के लिए बाथरूम की तरफ गई हुई थीं। इसी दौरान कमरे में अकेले पाकर छात्रा ने यह जानलेवा कदम उठा लिया।
🚑 यूनिवर्सिटी अस्पताल में दिया गया सीपीआर: गंभीर स्थिति में जीपीएम जिला अस्पताल रेफर
त्वरित उपचार और रेफरल का ब्योरा:
-
तत्काल अस्पताल पहुंचाया: रूममेट्स के लौटने पर घटना का पता चला, जिसके बाद आसपास की छात्राओं और हॉस्टल वार्डन/प्रबंधन ने आनन-फानन में छात्रा को यूनिवर्सिटी के स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया।
-
सीपीआर और प्राथमिक उपचार: स्वास्थ्य केंद्र में मौजूद डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ ने स्थिति को भांपते हुए फौरन सीपीआर (CPR) दिया और जीवनरक्षक प्राथमिक उपचार शुरू किया।
-
एंबुलेंस से जिला अस्पताल शिफ्ट: छात्रा की गंभीर और चिंताजनक स्थिति को देखते हुए यूनिवर्सिटी की एंबुलेंस से तत्काल गौरेला-पेंड्रा-मरवाही के जिला अस्पताल भेजा गया।
🩺 डॉक्टर लगातार रख रहे हैं निगरानी: परिजनों को दी गई सूचना, जांच जारी
चिकित्सकीय स्थिति और पुलिस जांच का दायरा:
-
डॉक्टर का आधिकारिक बयान: जिला अस्पताल जीपीएम के चिकित्सक डॉ. विपिन भारद्वाज ने बताया, “छात्रा की हालत काफी गंभीर बनी हुई है। विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम लगातार उसकी निगरानी कर रही है और उसे सघन उपचार दिया जा रहा है।”
-
यूनिवर्सिटी में तनाव का माहौल: इस अप्रत्याशित घटना के बाद विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं में गहरा सदमा और चिंता का माहौल है।
-
कदम उठाने की वजह अज्ञात: छात्रा ने यह घातक कदम किस मानसिक तनाव या दबाव में आकर उठाया, यह अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं हो सका है। पुलिस और विश्वविद्यालय प्रशासन परिजनों से संपर्क कर मामले के सभी पहलुओं की विस्तृत जांच कर रहे हैं।


