दिल्ली में बुलडोजर कार्रवाई को लेकर आप सांसद संजय सिंह ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखा है. पत्र में संजय सिंह ने दिल्ली में झुग्गियों पर हो रही बुलडोजर कार्रवाई पर चिंता जताई और कहा कि आपने चुनाव से पहले इन झुग्गी वासियों को जहां झुग्गी वहीं मकान देना का वायदा किया था, लेकिन अब इनके आशियाने तोड़े (bulldozers on slums ) जा रहे हैं.

पत्र में मद्रासी कैंप, बस्ती निजामुद्दीन, बाटला हाउस, ओखला क्षेत्र और वजीरपुर की बस्तियों पर बुलडोजर कार्रवाई का जिक्र करते हुए संजय सिंह ने कहा कि इन लोगों को जहां इनकी झुग्गी है, वहीं मकान दिया जाए और आगे के लिए बुलडोजर कार्रवाई पर तत्काल रोक लगाई जाए.

प्रधानमंत्री को लिखे पत्र में उन्होंने कहा कि बीते कुछ महीनों से दिल्ली की अनेक बस्तियों में, जिनमें मद्रासी कैंप, बस्ती निजामुद्दीन, बटला हाउस, आज़ादपुर मंडी और ओखला क्षेत्र की बस्तियां शामिल हैं, लगातार तोड़फोड़ की जा रही है, जिससे हजारों परिवारों का जीवन संकट में पड़ गया है.

उन्होंने कहा कि ये वे लोग हैं जो इस देश के आर्थिक ताने-बाने के मौन स्तंभ हैं- उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, बंगाल और छत्तीसगढ़ से आए श्रमिक, दिहाड़ी मजदूर, रिक्शा चालक, घरेलू सहायिकाएं, छोटे दुकानदार-जो दिल्ली की सड़कों से लेकर सोसाइटियों तक की रचना में वर्षों से जुटे हैं. वे लोग यहां कोई अपराध करने नहीं आए थे. वे आए थे बस एक सपना लेकर – दो वक्त की रोटी, बच्चों के लिए एक अदद स्कूल, और परिवार के लिए थोड़ी सी गरिमालेकर. अब उनसे वह सपना भी छीन लिया जा रहा है.

 bulldozers on slums – संजय सिंह ने कहा कि आज जरूरत विकास की नहीं, समावेशी विकास की है. ऐसे विकास की जो सड़कों को तो चौड़ा करे, पर लोगों के घरों को न कुचले। जो महानगर को सजाए, पर उसकी आत्मा को न उजाड़े. संजय सिंह ने कहा कि आज सवाल यह है कि जो लोग दिल्ली में एक अदद छत के लिए आए थे, अब वे कहां जाएंगे?

Share.
Exit mobile version