कबीरधाम: भोरमदेव महोत्सव 2026 के आयोजन को लेकर कलेक्टर गोपाल वर्मा की अध्यक्षता में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई. बैठक में जनप्रतिनिधियों, मीडिया प्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों के साथ आयोजन की रूपरेखा और आवश्यक व्यवस्थाओं को लेकर विस्तार से चर्चा की गई. आयोजन को सफल बनाने के लिए बैठक में सुझाव भी लिए गए. बैठक में कलेक्टर गोपाल वर्मा ने बताया कि इस वर्ष भोरमदेव मंदिर परिसर में कॉरिडोर निर्माण कार्य प्रगति पर होने के कारण पारंपरिक स्थल के स्थान पर 17 मार्च को ग्राम छपरी में भोरमदेव महोत्सव आयोजित किया जाएगा. छपरी गांव मंदिर परिसर से लगभग 1.5 किलोमीटर दूर है. सुरक्षा और निर्माण कार्य के चलते संभावित दुर्घटना के खतरे को देखते हुए यह निर्णय लिया गया.

भोरमदेव महोत्सव 2026

कलेक्टर गोपाल वर्मा ने कहा कि भोरमदेव महोत्सव जिले की सांस्कृतिक पहचान से जुड़ा महत्वपूर्ण आयोजन है. इसलिए परंपरा को बनाए रखते हुए इस वर्ष भी इसे गरिमामय तरीके से आयोजित होगा. कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि आयोजन से जुड़ी सभी व्यवस्थाएं समय-सीमा के भीतर पूरा करने के निर्देश दिए. कार्यक्रम स्थल पर मुख्य मंच, दर्शक दीर्घा, प्रवेश द्वार, पार्किंग, सुरक्षा व्यवस्था, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था और स्वच्छता सहित सभी जरूरी व्यवस्थाओं की तैयारी शुरू कर दी गई है. कलेक्टर ने कहा कि इस बार महोत्सव में अधिक से अधिक स्थानीय कलाकारों को मंच देने का प्रयास किया जाएगा.

1995 में हुई थी भोरमदेव महोत्सव की शुरुआत

भोरमदेव महोत्सव की शुरुआत वर्ष 1995 में हुई थी, जब कवर्धा राजनांदगांव जिले की तहसील हुआ करती थी. समय के साथ यह आयोजन भव्य रूप लेता गया और 2004-05 से इसे तीन दिवसीय महोत्सव के रूप में आयोजित किया जाने लगा. इस मंच पर स्थानीय कलाकारों के साथ-साथ बॉलीवुड कलाकार भी अपनी प्रस्तुति दे चुके हैं. बाद में 2016-17 में बजट की कमी का हवाला देते हुए इसे 2 दिवसीय कर दिया गया था, जबकि इस वर्ष यह एक दिवसीय कार्यक्रम के रूप में आयोजित होगा.

कॉरिडोर निर्माण के कारण बदला कार्यक्रम स्थल

भोरमदेव मंदिर को प्रदेश दर्शन योजना 2.0 के तहत विकसित किया जा रहा है, जिसके लिए केंद्र सरकार द्वारा 146 करोड़ की स्वीकृति दी गई है. वर्तमान में मंदिर परिसर में कॉरिडोर निर्माण का कार्य जारी है. निर्माण कार्य के चलते मंदिर क्षेत्र में स्थित पारंपरिक कार्यक्रम स्थल का उपयोग संभव नहीं है. इसी कारण इस वर्ष महोत्सव को छपरी गांव में आयोजित करने का निर्णय लिया गया है.

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