महानदी के पावन तट पर स्थित धमतरी के प्राचीन रुद्रेश्वर महादेव मंदिर का स्वरूप अब बदलने वाला है। जिला प्रशासन ने ‘रुद्रेश्वर कॉरिडोर’ परियोजना के तहत एक एआई (AI) आधारित विजन वीडियो जारी किया है, जिसमें मंदिर परिसर की भविष्य की भव्य और अलौकिक तस्वीर दिखाई गई है। करीब 20 करोड़ रुपये की इस महत्वाकांक्षी परियोजना से धमतरी पर्यटन के नक्शे पर एक नई पहचान बनाने की राह पर है।
🎥 एआई विजन वीडियो में दिखा भव्य स्वरूप
प्रशासन द्वारा जारी इस वीडियो में रुद्रेश्वर कॉरिडोर की भविष्य की झलकियां दिखाई गई हैं। इसमें महानदी के तट पर एक विशालकाय महादेव प्रतिमा, भव्य घाट, उज्जैन महाकाल कॉरिडोर की तर्ज पर बने स्वागत द्वार, आकर्षक गार्डन और पर्यटकों के लिए आधुनिक सुविधाएं शामिल हैं। वीडियो के माध्यम से यह दर्शाया गया है कि परियोजना पूरी होने के बाद रुद्रेश्वर धाम कितना मनमोहक और दर्शनीय होगा।
📈 धमतरी की अर्थव्यवस्था और पर्यटन को नई गति
कलेक्टर अबिनाश मिश्रा के अनुसार, यह परियोजना धमतरी जिले के लिए एक बड़ी सौगात है। उन्होंने बताया:
“उज्जैन महाकाल कॉरिडोर की तर्ज पर बनने वाला यह कॉरिडोर गंगरेल-रुद्री पर्यटन क्लस्टर के रूप में उभरेगा। इससे न केवल धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि स्थानीय व्यापार, रोजगार और धमतरी की अर्थव्यवस्था को भी नई गति प्राप्त होगी।”
📜 धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व
रुद्री स्थित यह प्राचीन मंदिर दशकों से श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र रहा है। सावन के महीने और महाशिवरात्रि पर यहां हज़ारों की संख्या में श्रद्धालु जुटते हैं। महानदी के प्राकृतिक सौंदर्य से घिरा यह स्थल अब कॉरिडोर के निर्माण के बाद और भी भव्य हो जाएगा, जिससे प्रदेश के साथ-साथ आसपास के राज्यों के पर्यटकों को भी विशेष आकर्षण मिलेगा।


