बिलासपुर में काम के दौरान सुरक्षा में बरती गई लापरवाही ने एक मजदूर की जान ले ली। चांटीडीह निवासी रौशन नामक मजदूर, जो एक टेंट हाउस के लिए काम कर रहा था, बिजली के नंगे तारों की चपेट में आ गया। हादसा तब हुआ जब वह होटल के पास टेंट लगाने के लिए लोहे के पाइप पर कपड़ा बांध रहा था। करंट का झटका इतना भीषण था कि रौशन की मौके पर ही मौत हो गई।
⚠️ परिजनों का हंगामा और सुरक्षा पर सवाल
घटना के बाद परिजनों और साथी मजदूरों ने होटल एवं टेंट हाउस संचालक पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम न करने का आरोप लगाया। परिजनों का कहना है कि मृतक रौशन के माता-पिता काफी बुजुर्ग हैं और वह अकेला घर का सहारा था। सिम्स (SIMS) अस्पताल में पोस्टमार्टम के दौरान परिजनों ने मुआवजे की मांग को लेकर हंगामा भी किया, जिसके बाद टेंट हाउस संचालक के साथ आपसी समझौते पर मामला शांत हुआ।
🛠️ कैसे हुआ हादसा?
साथी मजदूर अमरजीत डहरिया ने बताया कि वे तीन लोग मिलकर काम कर रहे थे। रौशन जैसे ही पाइप के पास गया, वह पास से गुजर रहे बिजली के नंगे तारों की चपेट में आ गया। उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे ‘ब्रॉट डेड’ घोषित कर दिया। फिलहाल सिरगिट्टी थाना पुलिस मर्ग कायम कर मामले की जांच कर रही है।
“मेरा भतीजा घर का इकलौता सहारा था। उसके बुजुर्ग माता-पिता की जिम्मेदारी अब कौन उठाएगा? सुरक्षा के अभाव में यह हादसा हुआ है, हम चाहते हैं कि पीड़ित परिवार को उचित आर्थिक सहायता मिले।” — संतोषी ध्रुव, परिजन
🛑 ग्रैंड लोटस होटल में सुरक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर प्रश्न
स्थानीय लोगों के अनुसार, ग्रैंड लोटस होटल में इससे पहले भी करंट लगने से एक बिजली मिस्त्री की जान जा चुकी है। बार-बार हो रहे ऐसे हादसे होटल और संबंधित ठेकेदारों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रहे हैं। प्रशासन को इस मामले में कड़ी जांच करने की आवश्यकता है ताकि भविष्य में ऐसी दुखद घटनाओं को रोका जा सके।


