रांची (झारखंड): राज्य में चल रहे मतदाताओं के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) कार्यक्रम की समयसीमा बढ़ाने की मांग को लेकर झारखंड प्रदेश कांग्रेस का एक उच्चस्तरीय शिष्टमंडल मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी (CEO) से मिलने पहुंचा।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो कमलेश के नेतृत्व में पहुंचे इस प्रतिनिधिमंडल में पार्टी के मीडिया संयोजक किशोरनाथ शाहदेव, कांग्रेस नेता सूर्यकांत शुक्ला, सुनील सिंह सहित कई वरिष्ठ नेता शामिल थे।
📜 श्रावणी मेले और ASDD सूची का हवाला देकर सौंपा ज्ञापन, 40 लाख नामों पर जताई चिंता
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार को औपचारिक ज्ञापन सौंपते हुए कांग्रेस नेताओं ने संथाल परगना एवं अन्य जिलों में पवित्र सावन माह के दौरान श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों की भारी व्यस्तता का हवाला दिया। उन्होंने चुनाव आयोग से गणना प्रपत्र भरने की अंतिम तिथि आगे बढ़ाने का विनम्र आग्रह किया।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य की ASDD (Absent, Shifted, Dead, Duplicate) सूची में करीब 40 लाख मतदाताओं के नाम दर्ज हैं, जो बेहद चिंताजनक विषय है। इसके अलावा श्रावणी मेले की व्यस्तता को ध्यान में रखते हुए गणना फॉर्म भरने की समयसीमा बढ़ाना बेहद जरूरी है। उन्होंने उम्मीद जताई कि चुनाव आयोग जनहित में इस पर सकारात्मक निर्णय लेगा।
❌ समयसीमा में बदलाव संभव नहीं, 29 जुलाई ही रहेगी अंतिम तिथि: CEO के. रवि कुमार
हालांकि, कांग्रेस की इस मांग को राज्य चुनाव आयोग ने सिरे से खारिज कर दिया है। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी (CEO) के. रवि कुमार ने प्रेस वार्ता में स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि गणना प्रपत्र भरने के लिए जो समयसीमा 29 जुलाई 2026 तक निर्धारित की गई है, प्रक्रिया उसी तय शेड्यूल के अनुरूप ही पूरी होगी।
उन्होंने स्पष्ट किया कि 5 अगस्त 2026 को वोटर लिस्ट का प्रारूप (Draft Voter List) हर हाल में प्रकाशित कर दिया जाएगा और प्रपत्र जमा करने की निर्धारित तिथि में कोई फेरबदल नहीं किया जाएगा। हालांकि, उन्होंने यह भी जोड़ा कि प्रारूप प्रकाशन के बाद मतदाताओं द्वारा दावे-आपत्ति (Claims & Objections) दर्ज कराने के लिए दिए जाने वाले समय में आवश्यकतानुसार विस्तार किया जा सकता है।
🏛️ देवघर और दुमका से प्रस्ताव आने पर केंद्रीय आयोग को भेजा जाएगा आग्रह, जल्द फॉर्म भरने की अपील
सीईओ के. रवि कुमार ने आगे जानकारी देते हुए बताया कि ऐतिहासिक श्रावणी मेले की स्थिति को देखते हुए यदि देवघर और दुमका जिला प्रशासन (जिला निर्वाचन अधिकारियों) की ओर से कोई आधिकारिक प्रस्ताव प्राप्त होता है, तो इस संबंध में भारत निर्वाचन आयोग (ECI) को विशेष ढील के लिए पत्र भेजा जाएगा।
इसके साथ ही उन्होंने राज्य के सभी पात्र मतदाताओं से अपील की है कि वे अंतिम तिथि का इंतजार किए बिना जल्द से जल्द अपना गणना प्रपत्र भरकर संबंधित बीएलओ (BLO) के पास जमा करा दें, ताकि 5 अगस्त को प्रकाशित होने वाली मतदाता सूची के प्रारूप में उनका नाम अनिवार्य रूप से शामिल हो सके।


