दुर्ग। दुर्ग जिले में आगामी रिसाली, भिलाई और चरोदा नगर निगम चुनावों को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। चुनावों की घोषणा से पहले ही स्थानीय विकास मुद्दों को लेकर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो चुका है। रिसाली नगर निगम को लेकर दुर्ग ग्रामीण विधायक ललित चंद्राकर और वर्तमान महापौर शशि सिन्हा आमने-सामने आ गए हैं। विधायक जहाँ भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की जीत और विकास का दावा कर रहे हैं, वहीं महापौर ने भी विधायक के आरोपों का तीखा जवाब दिया है।

🏛️ ‘5 साल में रिसाली में नहीं हुआ कोई बड़ा विकास कार्य’: विधायक ललित चंद्राकर का 40 वार्डों में बीजेपी की जीत का दावा

दुर्ग ग्रामीण विधायक ललित चंद्राकर ने रिसाली नगर निगम के सभी 40 वार्डों में भारतीय जनता पार्टी की ऐतिहासिक जीत का दावा किया है।

उन्होंने कहा कि चुनाव के बाद रिसाली में बीजेपी का ही महापौर बनेगा। वर्तमान कांग्रेस महापौर के कार्यकाल पर सवाल उठाते हुए विधायक ने आरोप लगाया कि पिछले 5 वर्षों में रिसाली क्षेत्र में कोई भी बड़ा या उल्लेखनीय विकास कार्य नहीं कराया गया। उन्होंने कहा कि रिसाली क्षेत्र में भिलाई स्टील प्लांट (BSP) की बड़ी जमीन मौजूद है और क्षेत्र के विकास के लिए एक स्पष्ट ब्लूप्रिंट की जरूरत थी, जिसे बनाने में वर्तमान निकाय नाकाम रहा। अब बीजेपी सरकार के तहत ही यहाँ तेज गति से विकास होगा।

⚔️ ‘विधायक बनने के बाद रिसाली में ठप पड़े काम’: महापौर शशि सिन्हा का कड़ा पलटवार

विधायक ललित चंद्राकर के आरोपों का जवाब देते हुए रिसाली नगर निगम की वर्तमान महापौर शशि सिन्हा ने कड़ा पलटवार किया है।

महापौर ने कहा कि जब से ललित चंद्राकर विधायक बने हैं, तब से रिसाली में विकास कार्यों की गति रुक गई है। उन्होंने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि जिन विकास योजनाओं का भूमिपूजन मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय कर चुके होते हैं, उन्हीं कार्यों का दोबारा भूमिपूजन स्थानीय विधायक द्वारा किया जाता है। एक ही कार्य का बार-बार भूमिपूजन होने के बावजूद कई महत्वपूर्ण योजनाएं अब तक धरातल पर शुरू ही नहीं हो पाई हैं।

📢 विकास के दावों और हकीकत पर उलझे दोनों पक्ष: अब चुनावी मैदान में जनता तय करेगी किस्मत

निकाय चुनावों की आहट के साथ ही रिसाली में शुरू हुई यह सियासी बहस अब व्यक्तिगत व दलीय आरोप-प्रत्यारोप के स्तर तक पहुँच चुकी है।

एक तरफ बीजेपी विधायक ललित चंद्राकर क्षेत्र में कमल खिलाने और विकास का नया रोडमैप तैयार करने का दावा कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ महापौर शशि सिन्हा वर्तमान सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रही हैं। आगामी निकाय चुनाव में जनता किस पक्ष के दावों पर भरोसा जताती है, यह तो आने वाला वक्त ही तय करेगा।

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