केंद्र के लेवल पर बीमे 11 बरसों में बिजनेस को आसान बनाने, मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने को लेकर कई रिफॉर्म हुए है. जिसका नतीजा ये है कि भारत ग्लोबल सप्लाई चेन का बड़ा हिस्सेदार बन गया है. अब भारत (reforms will bring form) रिफॉर्म के नेक्स्ट फेज में एंट्री लेने जा रहा है. इस फेज में भारत के राज्यों की बारी है. जो देश में मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर और बिजनेस को नई गति दे सकते हैं.
अब राज्य सरकारें केंद्र के दबाव में, पुराने लैंड यूज रूल्स को समाप्त कर रही हैं, जिनके तहत कारखानों को अपने 40 फीसदी भूखंड खाली रखने और 60 फुट चौड़ी सड़कों से सेवा प्रदान करने के लिए बाध्य किया जाता था. सरकारी निरीक्षकों द्वारा कंप्लायंस जांच को एक नई व्यवस्था के माध्यम से सीमित किया जा रहा है जो थर्थ पार्टी वेरिफिकेशन की अनुमति देती है.
ये सुधार, जिन्हें अधिकतर नियमों में बदलाव के माध्यम से लागू किया जा सकता है, कैबिनेट सचिव टीवी सोमनाथन के नेतृत्व वाले एक टास्क फोर्स द्वारा चिन्हित किए गए हैं. एक शीर्ष सरकारी अधिकारी ने ईटी को बताया कि मध्य प्रदेश, आंध्र प्रदेश और त्रिपुरा इन उपायों को लागू करने में सबसे हैं. आइए आपको भी बताते हैं कि आखिर वो कौन से रिफॉर्म हैं, जिनपर कई राज्य सरकारें काम कर रही हैं.
reforms will bring form – अधिकारी ने कहा देश में रिफॉर्म को लेकर काफी तेजी के साथ काम हो रहा है. उन्होंने कहा कि अधिकतर राज्यों की ओर से 50 फीसदी से ज्यादा कदम उठाए जा चुके हैं. अधिकारी ने कहा कि प्रत्येक राज्य ने इस प्रोसेस में 23 प्रमुख रिफॉर्म पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है, और कई राज्यों ने आगे बढ़ने की स्पष्ट इच्छा व्यक्त की है.
