रतलाम: जिले के औद्योगिक क्षेत्र अंतर्गत राजीव नगर में 25 नवंबर 2020 को हुई एक ही परिवार के तीन लोगों की हत्या के मामले में आखिरकार न्याय हुआ है। सप्तम अपर सत्र न्यायाधीश राजेश नामदेव की अदालत ने तीनों मुख्य दोषियों को अलग-अलग आजीवन कारावास से दंडित किया है। गौरतलब है कि इस सनसनीखेज वारदात को छोटी दीपावली (देवउठनी ग्यारस) की रात अंजाम दिया गया था।

🔍 क्या था पूरा मामला?

25 नवंबर 2020 की रात राजीव नगर निवासी गोविंद सोलंकी, उनकी पत्नी शारदा सोलंकी और पुत्री दिव्या सोलंकी की घर में घुसकर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। अगली सुबह किराएदार द्वारा सूचना मिलने पर पुलिस हरकत में आई और जांच शुरू की। पुलिस को सुराग सीसीटीवी फुटेज से मिले, जिसमें आरोपी वारदात के बाद एक स्कूटी लेकर फरार होते दिखे।

🧬 वैज्ञानिक साक्ष्यों ने खोली पोल

अभियोजन पक्ष की ओर से कोर्ट में 111 भौतिक वस्तुएं और 210 दस्तावेज प्रस्तुत किए गए। 33 गवाहों के बयानों और सबसे महत्वपूर्ण—डीएनए और बैलेस्टिक जांच—ने आरोपियों के अपराध को सिद्ध किया। घटनास्थल से मिले खोखों और मृतकों के शरीर से निकली गोलियों का मिलान आरोपियों से बरामद पिस्टल से हुआ। इसके अलावा, स्कूटी के हैंडल पर आरोपी लाला भाबोर का डीएनए पाया गया, जो सजा दिलाने में निर्णायक साबित हुआ।

🔫 मुख्य आरोपी का एनकाउंटर और गैंग की क्रूरता

मामले के मुख्य आरोपी दिलीप देवल की गिरफ्तारी के प्रयास के दौरान उसने पुलिस पर फायरिंग कर दी थी, जिसके बाद जवाबी कार्रवाई में वह मारा गया था। जांच के दौरान सामने आया कि यह गिरोह लूट के उद्देश्य से हत्याएं करता था। आरोपी अनुराग ने यह भी कबूल किया था कि दिलीप देवल ने मई 2020 में एक अन्य हत्याकांड को भी अंजाम दिया था। पटाखों के शोर में गोलियों की आवाज दबने की संभावना के कारण ही अपराधियों ने दीपावली की रात को वारदात के लिए चुना था।

👨‍⚖️ सजा पाने वाले दोषी

कोर्ट ने जिन तीन आरोपियों को तिहरा आजीवन कारावास सुनाया है, वे हैं:

  • अनुराग उर्फ बाबी (33 वर्ष)

  • गोलू उर्फ गौरव बिलवाल (29 वर्ष)

  • लाला भाबोर (27 वर्ष) ये तीनों आरोपी 2 दिसंबर 2020 से ही जेल में बंद हैं।

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