मांडू (धार): मांडू के निकटवर्ती पनाला गांव में पिछले लंबे समय से चली आ रही जलसंकट की समस्या ने शनिवार को उग्र रूप ले लिया। पेयजल की भारी किल्लत से परेशान ग्रामीणों ने सड़क पर उतरकर मांडू-धार मुख्य मार्ग पर चक्काजाम कर दिया। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में महिलाओं और बच्चों ने भी हिस्सा लिया, जिससे मार्ग के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।

💧 क्यों बेहाल हैं ग्रामीण?

पनाला गांव के निवासियों का कहना है कि भीषण गर्मी में उनकी स्थिति बदतर हो जाती है। पानी की कमी के चलते महिलाओं को सिर पर घड़े रखकर मीलों भटकना पड़ता है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि गांव में चल रही ‘नल-जल योजना’ पूरी तरह से विफल है, जिसके कारण उन्हें पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा है। पशुपालक परिवारों के लिए भी अपने पशुओं हेतु पानी का प्रबंध करना एक बड़ी चुनौती बन गया है।

🚗 यातायात व्यवस्था पर असर

सड़क पर हुए इस प्रदर्शन के चलते धार-मांडू के बीच आवागमन पूरी तरह ठप हो गया। शनिवार का दिन होने के कारण साप्ताहिक हाट-बाजार जाने वाले व्यापारियों और वीकेंड पर मांडू घूमने आने वाले पर्यटकों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ा। विरोध प्रदर्शन के कारण यात्रियों को घंटों जाम में फंसे रहना पड़ा।

🤝 अधिकारियों के आश्वासन के बाद खुला जाम

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मांडू थाना प्रभारी इंदलसिंह रावत पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। बाद में नालछा तहसीलदार विशाखा चौहान ने मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों से चर्चा की। तहसीलदार ने संबंधित अधिकारियों को तत्काल जल व्यवस्था सुधारने के कड़े निर्देश दिए। अधिकारियों के आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने जाम हटाया, लेकिन चेतावनी दी है कि यदि जल्द स्थायी समाधान नहीं हुआ, तो वे फिर से आंदोलन के लिए मजबूर होंगे।

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