रमज़ान का पाक यानी पवित्र माह चल रहा है. इस्लाम धर्म में इस माह अल्लाह की इबादत की जाती है. सब्र दिखाया जाता है. इस्लामिक मान्यता है कि मुसलमान इस पूरे माह जितनी इबादत करते हैं, उनका (Ramadan vs Navratri) सवाब (पुण्य) सबसे अधिक मिलता है. रमज़ान में रोज़ेदार भूखे-प्यासे रहकर रोज़े रखते हैं. यह महीना करीब 29 या 30 दिनों तक चलता है. इसके बाद शव्वाल का महीना शुरू होगा. जिसकी पहली तारीख को ईद मनाई जाती है.

 रोज़े और नवरात्रि के व्रत में अंतर

रोज़े और व्रत का अर्थ एक: रोज़े और व्रत दो अलग-अलग शब्द हैं, लेकिन दोनों का मतलब एक ही होता है. उपवास रखना या भूखा रहना. सनातन धर्म में भूखा रहने को व्रत कहा गया है और इस्लाम धर्म में इसी को रोज़ा रखना कहा गया है.

रोज़े की अवधि: रोज़ा 29-30 दिनों का होता है. रमज़ान में सभी रोज़े अनिवार्य माने जाते हैं.

रोज़े के नियम: रोज़ेदार सुबह सूरज उगने से पहले (सहरी) खाते हैं और शाम को सूरज ढलने पर (इफ्तार) रोज़ा खोलते है. इस बीच रोज़ेदारों को पानी पीना भी मना होता है.

नवरात्रि का व्रत

व्रत की अवधि: नवरात्रि के व्रत नौ दिन तक रखे जाते हैं.

नियम: लोग अपनी श्रद्धा के अनुसार 9 दिनों का व्रत रखते हैं. नवरात्रि का व्रत निर्जला भी रखा जा सकता है और फलाहारी भी.

फलाहार: व्रत में दूध, फल, और सेंधा नमक के साथ सात्विक (Ramadan vs Navratri) भोजन ग्रहण किया जा सकता है.

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