रायपुर : बीमा क्षेत्र में 100% FDI वृद्धि के केंद्र सरकार के निर्णय का देशभर में विरोध होने लगा है. वित्तीय क्षेत्र के अधिकारी कर्मचारी यूनियनों की संयुक्त संघर्ष समिति के राष्ट्रव्यापी आव्हान पर गुरुवार को प्रदेश भर में बैंक व बीमा कर्मचारी अधिकारियों ने जबरदस्त विरोध प्रदर्शन किया. राजधानी रायपुर में मुख्य प्रदर्शन LIC ऑफिस के पंडरी स्थित मंडल कार्यालय के सामने किया गया. शाम को बड़ी संख्या में बैंक और बीमा के अधिकारियों कर्मचारियों ने मानव (protest against 100 FDI in insurance sector) श्रृंखला बनाई. सभी ने एक सुर में कहा कि केंद्र सरकरा जब तक इस प्रस्ताव को वापस नहीं लेती तब तक विरोध जारी रहेगा.
विरोध सभा को संबोधित करते हुए सेंट्रल जोन इंश्योरेन्स एम्पलाइज एसोसिएशन के महासचिव धर्मराज महापात्र ने कहा “वर्तमान सरकार की पुरानी आदत के अनुसार, एक बार फिर लोहे की मुट्ठी पर मखमली दस्ताना चढ़ाया गया है. जनहितैषी भाषा और शब्दावली का उपयोग कर एक ऐसी नीति को वैध ठहराने की कोशिश की गई है, जो वास्तव में जनहित को कमजोर करती है.”
protest against 100 FDI in insurance sector – महापात्र ने कहा कि लोकसभा में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इस विधेयक को “सबका बीमा – सबकी रक्षा (बीमा कानूनों का संशोधन) विधेयक 2025” नाम दिया है. संशोधनों के घोषित उद्देश्य बीमा क्षेत्र की वृद्धि को तेज करना, पॉलिसीधारकों की सुरक्षा बढ़ाना, कारोबार करने में सुगमता लाना और विनियामक पारदर्शिता और निगरानी को मजबूत करना बताए गए हैं. लेकिन वास्तविक मंशा कहीं जयादा घातक है. यह भारत की बहुमूल्य घरेलू बचत को थाली में परोसकर विदेशी पूंजी के हवाले करने का प्रयास है.

