ऐप्स बेशक यूजर्स की सेफ्टी और प्राइवेसी को लेकर बड़े-बड़े दावे करते हैं लेकिन क्या वाकई सारे दावे सच होते हैं? लोगों की सेफ्टी के लिए ऐप में टू स्टेप वेरिफिकेशन फीचर दिया जाता है लेकिन क्या इस फीचर को ऑन करने के बाद आप डिजिटल दुनिया में सेफ हैं? अगर आपको लगता है हां, तो आपको (privacy is in danger) हाल ही में सामने आई रिपोर्ट जरूर पढ़नी चाहिए.
privacy is in danger – इस रिपोर्ट में डेटा लीक के बारे में जानकारी देते हुए बताया गया है कि Telegram Bot लोगों की पर्सनल जानकारी को बेच रहा है, इस चौंका देने वाले खुलासे से ऐप का इस्तेमाल करने वाले लोगों की प्राइवेसी को लेकरकई सवाल उठने लगे हैं. ये रिपोर्ट ये सोचने पर मजबूर करती है कि क्या ऐप बनाने वाली कंपनी के पास डेटा वाकई सुरक्षित है भी या नहीं?

