दिल्ली: बिहार में अपनी राजनीतिक पकड़ और चुनावी सफर शुरू करने के बाद अब रणनीतिकार से राजनेता बने प्रशांत किशोर की ‘जन सुराज पार्टी’ राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में अपने पर फैलाने की तैयारी कर रही है. पार्टी की नजर दिल्ली में होने वाले आगामी चुनावों पर टिकी हुई है. इसी कड़ी में पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर रविवार को दिल्ली में जन सुराज समर्थकों की एक अहम बैठक करने जा रहे हैं. इस बैठक के दौरान दिल्ली के लिए पार्टी की (focus on purvanchali voters) आधिकारिक ‘स्टीयरिंग कमेटी’ का ऐलान किए जाने की संभावना है.
पूर्वांचली मतदाताओं पर खास नजर
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, जन सुराज पार्टी की नजर दिल्ली में बड़ी संख्या में मौजूद ‘पूर्वांचली आबादी’ पर है, जो यहां के चुनावी समीकरण में अहम भूमिका निभाती है. रविवार को होने वाली इस बैठक में बिहार से जुड़े कई पूर्वांचली समर्थकों के शामिल होने के कयास लगाए जा रहे हैं. पार्टी से जुड़े सूत्रों का दावा है कि दिल्ली की जनता पारंपरिक दलों से अलग एक नया विकल्प तलाश रही है, और लोग बिहार व बांकीपुर में प्रशांत किशोर के कार्यों से प्रभावित हैं.
2027 के सभी स्थानीय व बड़े चुनावों में उतरेगी जन सुराज
प्रस्तावित स्टीयरिंग कमेटी को दिल्ली में पार्टी के पदाधिकारी और जमीनी नेटवर्क तैयार करने की मुख्य जिम्मेदारी सौंपी जाएगी. पार्टी नेताओं के मुताबिक, जन सुराज दिल्ली में होने वाले आगामी सभी प्रमुख चुनावों—जैसे 2027 के नगर निगम (MCD) चुनाव, 2029 के लोकसभा चुनाव और 2030 के विधानसभा चुनावों में पूरी ताकत (focus on purvanchali voters) के साथ हिस्सा लेगी.पार्टी खुद को एक समावेशी राजनीतिक विकल्प के रूप में पेश करना चाहती है, जो हर वर्ग और समुदाय के लोगों को साथ लेकर आगे बढ़ेगी.


