देशभर में बिजली की बढ़ती मांग के बीच छत्तीसगढ़ में भी विद्युत उपभोक्ताओं की आवश्यकता के अनुरूप सुचारू आपूर्ति बनाए रखने के लिए ऊर्जा विभाग और पावर कंपनियों द्वारा लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। उमस भरे मौसम, कृषि पंपों के बढ़ते संचालन और एयर कंडीशनर व अन्य कूलिंग उपकरणों के अधिक उपयोग के कारण प्रदेश में बिजली की खपत में तेजी से इजाफा हुआ है। रविवार शाम को पीक आवर्स के दौरान राज्य में बिजली की मांग बढ़कर लगभग 6300 मेगावाट तक पहुंच गई, जिसकी समय पर आपूर्ति सुनिश्चित की गई है।
💡 ऊर्जा विभाग की विशेष तैयारी: पावर एक्सचेंज से 10 रुपये प्रति यूनिट तक की दर पर की जा रही बिजली खरीद
छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी के प्रबंध निदेशक भीम सिंह कंवर ने जानकारी देते हुए बताया कि सभी श्रेणियों के उपभोक्ताओं को निरंतर और गुणवत्तापूर्ण बिजली उपलब्ध कराना प्राथमिकता है। मांग में हुई वृद्धि का लगातार आकलन किया जा रहा है और आवश्यकता पड़ने पर पावर एक्सचेंज से 10 रुपये प्रति यूनिट तक की अधिकतम दर पर भी बिजली खरीदी जा रही है, ताकि पीक आवर्स में किसी प्रकार की कटौती न हो। वर्तमान में पूरे देश में बिजली की भारी मांग के कारण अतिरिक्त उपलब्धता सीमित है, इसके बावजूद पड़ोसी राज्यों और एक्सचेंजों के माध्यम से 100 से 700 मेगावाट तक अतिरिक्त बिजली की व्यवस्था की जा रही है।
🌡️ मौसम में ठंडक आते ही बिजली की खपत घटने की उम्मीद: ग्रिड का संतुलन बनाए रखना पहली प्राथमिकता
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार आने वाले कुछ दिनों तक उमस भरा मौसम बने रहने के आसार हैं। हालांकि, मौसम में ठंडक आने के बाद बिजली की मांग में स्वाभाविक रूप से कमी आने की पूरी उम्मीद है। विद्युत ग्रिड की सुरक्षा और स्थिरता को बरकरार रखते हुए कृषि, घरेलू, व्यावसायिक और औद्योगिक उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली देना प्रशासन का मुख्य उद्देश्य है। बिजली की मांग और उपलब्धता की स्थिति पर चौबीसों घंटे कड़ी निगरानी रखी जा रही है ताकि उपभोक्ताओं को किसी असुविधा का सामना न करना पड़े।


