राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता अशोक गहलोत ने भरतपुर में पूर्व विधायक अतर सिंह भड़ाना की निर्मम हत्या पर गहरा शोक और चिंता व्यक्त की है। उन्होंने राज्य की मौजूदा कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए इसे पूरी तरह पुलिस-प्रशासन की बड़ी नाकामी करार दिया है। गहलोत ने सवाल उठाया कि जब दो साल से लगातार विवाद चल रहा था, तब समय रहते कोई सख्त कदम क्यों नहीं उठाया गया? उन्होंने कहा कि जिस राज्य में एक पूर्व विधायक ही सुरक्षित नहीं है, वहां आम जनता की सुरक्षा का अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है।
📱 सोशल मीडिया के जरिए सरकार पर साधा निशाना
अशोक गहलोत ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट ‘एक्स’ (X) पर राज्य सरकार को आड़े हाथों लेते हुए तीखा हमला बोला। उन्होंने लिखा:
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मुख्यमंत्री के गृह जिले में वारदात: “मुख्यमंत्री के अपने गृह जिले भरतपुर में भाजपा के पूर्व विधायक अतर सिंह भड़ाना की हत्या हो गई है। यह इस बात का स्पष्ट सबूत है कि राजस्थान में कानून-व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी है।”
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आम आदमी की सुरक्षा पर सवाल: गहलोत ने कहा कि जब दिनदहाड़े 70 से 80 लोग किसी पूर्व विधायक को घेरकर मार सकते हैं, तो इस राज में आम आदमी का भगवान ही रखवाला है।
🌾 विवाद की वजह और पूर्व विधायक के निजी अंगरक्षक घायल
प्राप्त जानकारी के अनुसार, अतर सिंह भड़ाना की पत्नी के नाम पर वैर थाना क्षेत्र के भौंडा गांव के पास एक खनन लीज संचालित है। खदान से निकलने वाले पत्थरों से कांच के लेंस बनाए जाते हैं।
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वेतन और रास्ते को लेकर विवाद: पूर्व विधायक खदान में काम करने वाले मजदूरों को नियमित रूप से वेतन दे रहे थे, लेकिन पिछले दो साल से कुछ स्थानीय लोगों और नेताओं द्वारा वेतन बढ़ाने की मांग और खदान की ओर जाने वाले रास्ते को चारागाह भूमि बताकर विवाद खड़ा किया जा रहा था।
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घटना का दिन: इसी विवाद को सुलझाने के लिए जब पूर्व विधायक मौके पर पहुंचे, तो वहां हिंसक झड़प हो गई, जिसमें उनकी पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। इस दौरान उनके निजी अंगरक्षक गगन शर्मा भी गंभीर रूप से घायल हो गए।
कांग्रेस नेता अशोक गहलोत ने आरोप लगाया है कि दो साल से चल रहे इस गंभीर विवाद के बावजूद पुलिस और प्रशासन खामोश क्यों बैठा रहा? चेतावनी मिलने के बाद भी कार्रवाई न होना सीधे तौर पर प्रशासनिक लापरवाही को दर्शाता है।


