छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में जरूरतमंद दिव्यांगजनों और वरिष्ठजनों के जीवन को सुगम बनाने के उद्देश्य से आयोजित तीन दिवसीय ‘निदान-03’ विशेष शिविर का रविवार को सफलतापूर्वक समापन हो गया। सेवा संकल्प अभियान के तहत आयोजित इस त्रि-दिवसीय आयोजन में कुल 1,630 दिव्यांगजन एवं वरिष्ठजन लाभान्वित हुए। जिला प्रशासन, समाज कल्याण विभाग और भगवान महावीर दिव्यांग सेवा समिति के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस शिविर में हितग्राहियों को उनकी जरूरत के अनुसार कृत्रिम हाथ-पैर, ट्राइसाइकिल, व्हीलचेयर, श्रवण यंत्र, बैसाखी और वॉकर जैसे आवश्यक उपकरण प्रदान किए गए।
📜 एक ही छत के नीचे मिलीं तमाम शासकीय सुविधाएं: यूडीआईडी कार्ड और बस पास भी वितरित
इस शिविर की सबसे बड़ी खूबी यह रही कि दिव्यांगजनों को अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर काटने से मुक्ति मिल गई। एक ही स्थान पर स्वास्थ्य परीक्षण के साथ-साथ दिव्यांगता प्रमाण पत्र, यूडीआईडी (UDID) कार्ड, बस पास और एम-आधार जैसी कई शासकीय सुविधाओं का लाभ प्रदान किया गया। नगरी के श्रृंगी ऋषि हायर सेकेंडरी स्कूल से शुरू हुआ यह शिविर धमतरी के इंडोर स्टेडियम तक पहुंचा, जहाँ अंतिम दिन 1,121 से अधिक हितग्राहियों ने पंजीयन कराकर योजनाओं का लाभ उठाया। इसके साथ ही जनसंपर्क विभाग की प्रदर्शनी और ‘छत्तीसगढ़ जनमन’ पत्रिका का निःशुल्क वितरण भी किया गया।
🎯 ‘दिव्यंगजनों को सम्मान के साथ आत्मनिर्भर बनाना प्रशासन की प्राथमिकता’: कलेक्टर अबिनाश मिश्रा
कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने शिविर के समापन अवसर पर कहा कि जिला प्रशासन का मुख्य उद्देश्य केवल उपकरण वितरित करना नहीं, बल्कि दिव्यांगजनों को उनकी क्षमताओं को पहचानने और सम्मान के साथ आत्मनिर्भर जीवन जीने का अवसर देना है। जब कोई व्यक्ति सहायक उपकरणों के माध्यम से अपने दैनिक कार्य स्वयं करने में सक्षम होता है, तो उसका आत्मविश्वास कई गुना बढ़ जाता है। प्रशासन भविष्य में भी ऐसे कल्याणकारी शिविरों के माध्यम से समाज के अंतिम छोर के व्यक्ति तक मदद पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है।

