PoJK: पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर में पाकिस्तान विरोधी आंदोलनों ने हिंसक रूप ले लिया है। संयुक्त अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) के नेता सरदार शब्बीर ने सुरक्षा बलों पर प्रदर्शनकारियों के दमन और उन पर बर्बर बल प्रयोग करने का गंभीर आरोप लगाया है। शब्बीर के अनुसार, क्षेत्र में हालात लगातार बिगड़ रहे हैं और पाकिस्तान की सरकार प्रदर्शनों को कुचलने के लिए हर हद पार कर रही है।
🏟️ रावलाकोट में शांतिपूर्ण प्रदर्शन पर हमला
सरदार शब्बीर ने बताया कि रावलाकोट में एक मृतक के शव को रखकर शांतिपूर्ण धरना दे रहे प्रदर्शनकारियों पर सुरक्षा बलों ने चारों तरफ से हमला कर दिया। प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए बख्तरबंद वाहनों का इस्तेमाल किया गया और अंधाधुंध आंसू गैस के गोले छोड़े गए, जिसमें कई लोग घायल हुए और कुछ की मौत की सूचना है।
🏥 अस्पताल को भी नहीं बख्शा, डॉक्टर और प्रोफेसर पर बरसाईं गोलियां
कोटली में स्थिति तब और भयावह हो गई जब मार्च कर रहे प्रदर्शनकारियों पर सीधे फायरिंग की गई। शब्बीर ने आरोप लगाया कि सुरक्षा बलों ने आम नागरिकों को निशाना बनाकर गोलीबारी की। बर्बरता का आलम यह था कि घायल लोगों को जब जिला मुख्यालय (DHQ) अस्पताल ले जाया गया, तो सुरक्षा बल वहां भी पहुंच गए। उन्होंने दावा किया कि अस्पताल के भीतर डॉक्टर एहसान को गोली मार दी गई, इसके अलावा एक प्रोफेसर और एक महिला भी इस गोलीबारी का शिकार हुए।
📉 कोटली में मौतों का आंकड़ा बढ़ा
JAAC नेता ने दावा किया है कि अकेले कोटली क्षेत्र में ही एक दर्जन से अधिक लोगों की जान चली गई है। पूरे पीओजेके में इस समय दमन, भय और अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों और वैश्विक मीडिया से अपील की है कि वे इस क्षेत्र में हो रहे अत्याचारों पर ध्यान दें और निर्दोष लोगों को बचाने के लिए आगे आएं।


