झारखंड के पाकुड़ जिले में करोड़ों रुपये की संपत्ति पर अवैध कब्जा करने के लालच में हत्या की एक बेहद सनसनीखेज साजिश का पर्दाफाश हुआ है। यहाँ मालीपाड़ा स्थित एक बंद पत्थर खदान से बरामद एक शख्स के शव के मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों की मुख्य नजर एक सरकारी (Pakur Murder Case) कर्मचारी की अकूत संपत्ति पर थी। इस संपत्ति के कानूनी वारिस बनने की राह में मृतक मंटू दास सबसे बड़ा रोड़ा बना हुआ था, जिसके चलते उसकी बेरहमी से हत्या कर दी गई और साक्ष्य मिटाने के लिए शव को उसकी मोटरसाइकिल के साथ खदान में फेंक दिया गया ताकि पूरी घटना एक सड़क हादसा लगे।
करोड़ों की संपत्ति पर थी नजर और ऐसे रची गई साजिश
पुलिस की जाँच में सामने आया कि मृतक मंटू दास मूल रूप से दुमका जिले के रहने वाले थे और वर्तमान में पाकुड़ नगर थाना क्षेत्र में ही रह रहे थे। इस पूरे हत्याकांड का मास्टरमाइंड मृतक का मकान मालिक आलोक मुर्मू निकला। मृतक मंटू दास के साले साबिर सोरेन पशुपालन विभाग में एक सरकारी कर्मचारी हैं और उनके पास करोड़ों रुपए की संपत्ति है। चूँकि साबिर का कोई वारिस नहीं था और मंटू दास ही उनकी देखरेख करता था, इसलिए आलोक मुर्मू की बुरी नजर उस संपत्ति पर टिक गई।
दोस्ती का नाटक कर पिलाई शराब, फिर कुल्हाड़ी और हथौड़े से उतारा मौत के घाट
पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने बड़ी चालाकी से पहले मंटू दास के साथ गहरी दोस्ती का नाटक किया। इसके बाद खाने-पीने के बहाने उसे शराब पिलाई गई। जब वह पूरी तरह नशे की हालत में सुधबुध खो बैठा, तब कुल्हाड़ी और लोहे के भारी हथौड़े से सिर व शरीर पर ताबड़तोड़ हमला कर (Pakur Murder Case) उसकी हत्या कर दी गई।


