महाराष्ट्र में स्थानीय निकाय चुनाव प्रचार अपने चरम पर है और लाडकी बहिण योजना एक बार फिर राजनीतिक बहस के केंद्र में है. मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के ऐलान के बाद अब सरकार के ग्राम विकास मंत्री जयकुमार गोरे के बयान ने चुनावी माहौल और गर्मा दिया है. गोरे ने सोलापुर में एक चुनावी रैली में लाडकी बहिन योजना (political storm in Maharashtra) का गुणगान करते हुए कहा कि आपके पति आपको 100 रुपये नहीं देते जबकि देवाभाऊ ने आपको हर महीने 1500 रुपये दिए हैं.
विधानसभा चुनावों में यह योजना गेमचेंजर साबित हुई थी इसलिए अब निकाय चुनावों में भी इसका राजनीतिक महत्व बढ़ गया है. इस योजना का श्रेय लेकर राजनीतिक दल एक-दूसरे को चुनौती दे रहे हैं. एकनाथ शिंदे इसे अपनी सरकार की उपलब्धि बताते हैं. अजित पवार के वित्त मंत्री रहते यह योजना शुरू हुई, इसलिए एनसीपी भी इसे अपनी उपलब्धि मानती है.
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बीजेपी ने इसे फडणवीस की “देवा भाऊ” छवि से जोड़ा था. वहीं बीजेपी के मंत्री जयकुमार गोरे ने लाडकी बहनों को कहा आपके पति 100 रुपये नहीं देते लेकिन देवा भाऊ ने 1500 दिए. सोलापुर में एक रैली को संबोधित करते हुए जयकुमार गोरे ने कहा कि आपका पति भी आपको 100 रुपये नहीं देता, लेकिन देवा भाऊ ने 1500 रुपये आपके खाते में भेजे हैं. इसके लिए थोड़ा आभार तो दिखाएं.
political storm in Maharashtra – गोरे सीएम फडणवीस के बेहद करीबी माने जाते हैं और उनके इस बयान को सीधे चुनावी संदेश के रूप में देखा जा रहा है. उन्होंने ये भी कहा कि राखी पर भाई 100 रुपये भी पत्नी से पूछकर देता है. गोरे ने कहा कि राखी पूर्णिमा पर आपका सगा भाई भी थाली में 100 रुपये तभी डालता है, जब उसकी पत्नी सिर हिलाती है. अगर पत्नी मना करे, तो भाई 100 रुपये वापस जेब में रख लेता है लेकिन मुख्यमंत्री फडणवीस बिना किसी शर्त के आपको 1500 रुपये दे रहे हैं.

