नई दिल्ली/पलवल: ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में देश के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले 6 जवानों को केंद्र सरकार ने आधिकारिक सम्मान प्रदान किया है। इन वीर शहीदों के नाम अब नई दिल्ली स्थित ‘नेशनल वॉर मेमोरियल’ की (Operation Sindoor Martyrs) वेबसाइट और राष्ट्रीय युद्ध स्मारक की 3डी वॉल के ‘साल 2025’ के खंड में स्वर्णिम अक्षरों में अंकित किए गए हैं।
क्या था ऑपरेशन सिंदूर?
22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए भीषण आतंकी हमले में 26 पर्यटकों की हत्या कर दी गई थी। इस कायराना हरकत का बदला लेने के लिए 6-7 मई की रात भारतीय सेना ने पीओके (PoK) में घुसकर आतंकी ठिकानों को तबाह किया था। इस कार्रवाई में 100 से ज्यादा आतंकी मारे गए थे, जिसके बाद भारत और पाकिस्तान के बीच 4 दिन तक हवाई युद्ध चला था।
पलवल के लाल लांस नायक दिनेश कुमार का बलिदान
हरियाणा के पलवल जिले के गांव मोहम्मदपुर के रहने वाले लांस नायक दिनेश कुमार पुंछ में तैनात थे। पाकिस्तानी गोलाबारी का मुंहतोड़ जवाब देते हुए वे अपने 4 साथियों के साथ वीरतापूर्वक लड़ते हुए शहीद हो गए थे। शहीद की पत्नी सीमा देवी ने बताया कि उन्हें अपने पति की शहादत पर गर्व है। सरकार द्वारा उन्हें हर संभव सहायता दी गई है, जिसमें आर्थिक मदद, क्लर्क के पद पर नौकरी और शहीद के नाम पर गांव, स्कूल व पार्क का नामकरण शामिल है।
शहीद के सम्मान में सरकार की पहल
शहीद दिनेश कुमार की याद को संजोए रखने के लिए गांव में एक शहीद स्मारक का निर्माण किया जा रहा है। सरकार द्वारा प्रदान की गई इन सुविधाओं के लिए शहीद के परिजनों ने केंद्र और राज्य सरकार का आभार (Operation Sindoor Martyrs) व्यक्त किया है। ऑपरेशन सिंदूर के इन शहीदों का बलिदान आने वाली पीढ़ियों के लिए सदैव प्रेरणा का स्रोत बना रहेगा।


