Gujarat News: बाल तस्करी के एक गंभीर मामले में गुजरात पुलिस ने ‘ऑपरेशन देव’ के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए तेलंगाना से जुड़े मुरुगन गैंग का भंडाफोड़ किया है. इस गिरोह पर नवजात और नाबालिग बच्चों की तस्करी करने के आरोप हैं. पुलिस ने मुख्य आरोपी मुरुगन समेत कई लोगों को गिरफ्तार किया है. यह कार्रवाई चार साल के बच्चे देव के अपहरण मामले की जांच के दौरान की गई.
कागजनगर से पकड़ा गया मुरुगन
इसी केस के आधार पर ‘ऑपरेशन देव’ शुरू किया गया, जिसमें एक जुवेनाइल से मिली जानकारी अहम साबित हुई और पूरे गिरोह का खुलासा हुआ. गुजरात पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और AI टूल्स की मदद से तेलंगाना के कागजनगर में मुख्य आरोपी मुरुगन को हिरासत में लिया. इसके साथ ही करीमनगर के तिरुपति, मल्लैया और गंगाधर को भी गिरफ्तार किया गया.
अब तक 8 बच्चों को बेच चुका ये गैंग
इस ऑपरेशन के तहत महाराष्ट्र, गुजरात, तेलंगाना और दिल्ली में एक साथ पुलिस ने छापेमारी की. पुलिस का कहना है कि यह गिरोह कई राज्यों में फैला हुआ था और संगठित तरीके से काम कर रहा था. जांच में सामने आया है कि मुरुगन गैंग नवजात बच्चों को जन्म के 24 से 48 घंटे के भीतर ही बेच देता था. अब तक कम से कम 8 बच्चों की इस तरह बिक्री किए जाने की पुष्टि हुई है.
मुरुगन की पत्नी भी इस रैकेट में शामिल
पुलिस के मुताबिक, मुरुगन पहले भी चैतन्यपुरी पुलिस स्टेशन के एक मामले में गिरफ्तार हो चुका है. उसकी पत्नी कृष्णावेणी भी इस बाल तस्करी रैकेट में शामिल पाई गई है और उसे भी आरोपी बनाया गया है. गुजरात पुलिस ने एक आरोपी को बस में बच्चे को ले जाते समय गिरफ्तार किया, जिससे इस पूरे नेटवर्क की कड़ियां खुलती चली गईं.
पुलिस पूरे नेटवर्क की जांच में जुटी है और आशंका जताई जा रही है कि इस गिरोह के तार और भी राज्यों तक जुड़े हो सकते हैं. आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां संभव हैं. ‘ऑपरेशन देव’ के जरिए गुजरात पुलिस ने एक बड़े बाल तस्करी नेटवर्क का पर्दाफाश किया है, जो समाज के लिए गंभीर चिंता का विषय है. इस कार्रवाई से कई मासूम बच्चों को बचाने की उम्मीद जताई जा रही है.
