नई दिल्ली: केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार अपने कार्यकाल के 12 साल पूरे करने जा रही है। इस उपलब्धि को यादगार बनाने के लिए भारतीय जनता पार्टी देशभर में एक वृहद ‘विशेष जनसंपर्क अभियान’ का आयोजन कर रही है। ’12 साल : विश्वास के, विकास के, जन कल्याण के’ थीम पर आधारित यह अभियान 5 जून से 21 जून 2026 तक चलेगा। इसके तहत पार्टी के नेता और कार्यकर्ता गांव-गांव पहुंचकर पिछले 12 वर्षों की उपलब्धियों का लेखा-जोखा जनता के सामने पेश करेंगे।
📚 5 विशेष बुकलेट में सिमटी उपलब्धियां: हिंदी सहित सभी भारतीय भाषाओं में जारी
सरकार की उपलब्धियों को जन-जन तक पहुँचाने के लिए पार्टी ने 5 विशेष बुकलेट तैयार की हैं, जो हिंदी, अंग्रेजी, उर्दू सहित सभी प्रमुख भारतीय भाषाओं में उपलब्ध होंगी:
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राष्ट्र प्रथम (Rashtra Pratham): इसमें देशहित में लिए गए बड़े फैसलों, सैन्य शक्ति, सर्जिकल स्ट्राइक और सशक्तिकरण का उल्लेख है।
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जनसेवा का संकल्प: विभिन्न वर्गों के कल्याण के लिए लिए गए जनहितकारी निर्णयों का विवरण।
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सशक्तिकरण से समृद्धि तक: महिलाओं को स्वावलंबी और सक्षम बनाने के लिए सरकार द्वारा उठाए गए कदमों की जानकारी।
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विरासत भी विकास भी: तकनीकी प्रगति के साथ-साथ प्राचीन संस्कृति और परंपराओं को सहेजने के प्रयासों का संकलन।
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राष्ट्र निर्माण: देश भर में इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र में किए गए विकास कार्यों का सिलसिलेवार विवरण।
🗓️ जनसंपर्क, सेवा और जागरूकता: 5 से 21 जून तक कार्यक्रमों की झड़ी
पार्टी ने इस अभियान के लिए व्यापक रूपरेखा तैयार की है:
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8 से 12 जून: केंद्रीय मंत्रियों और मुख्यमंत्रियों द्वारा मीडिया संवाद।
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8 से 14 जून: जनप्रतिनिधियों द्वारा अपने क्षेत्रों में संवाद, वृक्षारोपण और स्वच्छता अभियान।
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12 से 20 जून: देशभर में ‘जनकल्याण शिविर’ का आयोजन, जहाँ आयुष्मान भारत, पीएम स्वनिधि और पीएम सूर्य घर जैसी योजनाओं के लिए पंजीकरण होगा।
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विशेष दिवस: 5 जून को ‘एक पेड़ मां के नाम’ और 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर मंडल स्तर पर कार्यक्रम।
🚀 विकसित भारत का संकल्प: जिला स्तर पर लक्ष्य और टीमें
बीजेपी नेतृत्व ने प्रत्येक जिले में कम से कम 500 प्रभावशाली व्यक्तियों से संपर्क करने का लक्ष्य रखा है। पार्टी ने इस अभियान की सफलता सुनिश्चित करने के लिए जिला और प्रदेश स्तर पर विशेष टीमों का गठन किया है। सोशल मीडिया के प्रभावी उपयोग के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण और स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने के भी निर्देश दिए गए हैं। यह अभियान न केवल सरकार की उपलब्धियों को बताने का जरिया बनेगा, बल्कि ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य को नई गति भी प्रदान करेगा।


