चंडीगढ़ : हरियाणा में लंबे समय से लटक रहे अध्यापकों के तबादले (New Transfer Policy) अब जल्द होंगे। प्रदेश सरकार ने अध्यापकों की नई तबादला नीति को मंजूरी प्रदान कर दी है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में शुक्रवार को हुई मंत्रिमंडल की बैठक में 5 जून 2017 को जारी शिक्षक स्थानांतरण नीति को रद कर नई शिक्षक स्थानांतरण नीति के मसौदे को मंजूरी प्रदान की गई।

इसे भी पढ़ें – भाजपा-जजपा ने जनता के पीठ और सीने में खंजर घोंपा : रणदीप सुरजेवाला

New Transfer Policy – नई नीति में राज्य शिक्षक पुरस्कार और राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार के आधार पर जोन तथा अंकों की अवधारणा को समाप्त किया गया है। नई पॉलिसी के तहत आनलाइन स्थानांतरण में अब नियमित शिक्षक और अतिथि अध्यापकों को पसंद के स्कूल में जाने के लिए न्यूनतम 10 शैक्षणिक ब्लाक चुनने होंगे। उन सभी पुरुष और महिला शिक्षकों को अधिकतम पांच अंक दिए जाएंगे जिनके पति/पत्नी प्रदेश के किसी विभाग, बोर्ड-निगम, सार्वजनिक उपक्रम, विश्वविद्यालय या हरियाणा में स्थित किसी केंद्रीय विश्वविद्यालय में तैनात हैं। केंद्र सरकार के हरियाणा, दिल्ली और चंडीगढ़ में स्थित कार्यालयों में नियमित आधार पर कार्यरत या अतिथि शिक्षक के रूप में तैनात कर्मचारियों को भी नई पॉलिसी का लाभ मिलेगा।

इसे भी पढ़ें – खट्टर ने बाढ़ मृतकों के परिजनों को दी 24 लाख की सहायता राशि

एक शिक्षक एक स्कूल में अधिकतम पांच साल तक रह सकेगा। विधवाओं के लिए श्रेणीबद्ध तरीके से अतिरिक्त प्रविधान किया गया है। शिक्षकों से राज्य काडर और जिला काडर पदों के लिए विशेष जिले के सभी ब्लाक के लिए न्यूनतम 10 शैक्षणिक ब्लाक का विकल्प मांगा जाएगा। सीएंडवी शिक्षकों को जिले के भीतर उनकी पोस्टिंग सुनिश्चित करने के लिए टीजीटी काडर के शिक्षकों की तुलना में उनके जिले में प्राथमिकता दी जाएगी। सभी योग्य मौलिक स्कूल मुख्य अध्यापकों को अनिवार्य रूप से ईएसएचएम के साथ-साथ टीजीटी के पद का विकल्प भी भरना होगा। ईएसएचएम के लिए चयनित योग्य रिक्ति आवंटित करते समय ईएसएचएम के पद के विकल्प को प्राथमिकता दी जाएगी।

Share.
Exit mobile version