केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने रविवार को पश्चिम बंगाल के नंदीग्राम इलाके में भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ संवाद किया और ‘मन की बात’ कार्यक्रम के अवसर पर कार्यकर्ताओं के साथ एक विशेष आयोजन में सहभागी भी बने. धर्मेंद्र प्रधान ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा कि नंदीग्राम में इस बार भी कमल खिलना तय है. अब समय आ गया है—बंगाल बदलेगा और विकास के नए युग की शुरुआत करेगा.
बता दें कि 2021 के विधानसभा चुनाव में विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी ने राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को पराजित किया था. इस बार फिर से नंदीग्राम से सुवेंदु अधिकारी बीजेपी के उम्मीदवार हैं. इसके साथ ही वह भवानीपुर से भी पार्टी के उम्मीदवार हैं और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को चुनौती दे रहे हैं.
धर्मेंद्र प्रधान ने एक्स पर लिखा, आज पश्चिम बंगाल में भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं सदन में नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी के क्षेत्र नंदीग्राम में पार्टी के समर्पित कार्यकर्ता साथियों के साथ संवाद का अवसर मिला.
नंदीग्राम परिवर्तन की चेतना का प्रतीक
उन्होंने लिखा, नंदीग्राम केवल एक क्षेत्र नहीं, यह परिवर्तन की चेतना का प्रतीक है. यहां की जनता का अटूट विश्वास भारतीय जनता पार्टी और सुवेंदु अधिकारी के नेतृत्व में दृढ़ता से खड़ा है. कार्यकर्ताओं का जोश, अनुशासन और समर्पण स्पष्ट संकेत दे रहा है—इस बार भी नंदीग्राम में कमल खिलना तय है.
धर्मेंद्र प्रधान ने लिखा, आज नंदीग्राम में ‘मन की बात’ कार्यक्रम के अवसर पर कार्यकर्ताओं के साथ एक विशेष आयोजन में सहभागी बनने का अवसर मिला. इस दौरान अन्न प्रसाद वितरण करने का सौभाग्य भी प्राप्त हुआ.
उन्होंने लिखा, लगभग 20 वर्षों से नंदीग्राम से मेरा गहरा जुड़ाव रहा है. नंदीग्राम की यह भूमि बंगाली अस्मिता और परिवर्तन की चेतना का सशक्त प्रतीक रही है. यहां से उठी आवाज़ ने समय-समय पर पूरे बंगाल की राजनीति की दिशा और दशा को प्रभावित किया है.
बंगाल में बदलाव की लहर
धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि पश्चिम बंगाल अब अन्याय, भ्रष्टाचार और तुष्टिकरण की राजनीति से ऊब चुका है. ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस की जनविरोधी नीतियों से मुक्ति का संकल्प अब जन-जन का संकल्प बन चुका है.
उन्होंने कहा कि आज बंगाल की जनता एक स्वर में कह रही है- पलटनो दोरकार, चाइ बीजेपी सरकार (बदलने की जरूरत है, बीजेपी सरकार चाहिए)
धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि यह सिर्फ एक नारा नहीं, यह बदलाव की लहर है, यह जन-आक्रोश है, यह एक नए और विकसित बंगाल के निर्माण का उद्घोष है. अब समय आ गया है—बंगाल बदलेगा और विकास के नए युग की शुरुआत करेगा.
