इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिक की मंत्रालय (MeitY) ने आईटी नियम 2021 में बदलाव का नया ड्राफ्ट तैयार किया है. इसमें प्रस्ताव है कि सोशल मीडिया कंपनियों और डिजिटल प्लेटफॉर्म को दिए (digital rules will change) जाने वाले सरकारी निर्देशों को अब कानूनी ताकत दी जाए. सबसे महत्वपूर्ण प्रावधान रूल 3 में जोड़े गए नए सब रुल (4) में है जो सोशल मीडिया और अन्य प्लेटफॉर्म (इंटरमीडियरी) की जिम्मेदारियों से जुड़ा है.
इन चीजों पर लगाम लगाना है मकसद
Second Amendment Rules 2026 के अंतर्गत आने वाले इन नए नियमों को 30 मार्च 2026 को प्रकाशित किया गया है. इन बदलावों का असर डिजिटल कंटेंट और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर पड़ेगा. सरकार का मकसद डीपफेक, फेक न्यूज और गलत जानकारी पर लगाम कसना है, इसी के साथ ऑनलाइन कंटेंट पर भी सरकारी पकड़ पहले से ज्यादा मजबूत हो सकती है.
अगर कोई सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म सरकार की गाइलाइंस का पालन सही तरीके से नहीं करता है तो उस प्लेटफॉर्म की Safe Harbour सुरक्षा खत्म हो सकती है. आसान भाषा में समझें तो इसका मतलब ये निकलता है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स अब ये नहीं कह पाएंगे कि यूजर का कंटेंट उनकी जिम्मेदारी नहीं है.
digital rules will change – ड्राफ्ट में इस बात को पहले से ज्यादा साफ कर दिया गया है कि यूजर डेटा को रखने या फिर हटाने की स्थिति में पुराने कानूनों का पालन करना होगा. ये नियम पहले भी था लेकिन अब ये नियम और भी ज्यादा स्पष्ट कर दिया गया है ताकि कोई भी गलतफहमी न रहे. अगर कोई यूजर भी सोशल मीडिया पर कोई पोस्ट डालता है तो गलत जानकारी होने पर यूजर पर भी कार्रवाई हो सकती है.
