भरूच : भारत के पहले हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर यानी मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट (Bullet Train Project) में एक और बड़ी और अभूतपूर्व उपलब्धि हासिल हुई है। गुजरात के भरूच जिले के ट्रालसी गांव के पास सक्रिय भारतीय रेलवे ट्रैक के ठीक ऊपर 130 मीटर लंबा विशालकाय स्टील ब्रिज सफलतापूर्वक लॉन्च कर दिया गया है। यह इंजीनियरिंग का एक बेजोड़ नमूना है क्योंकि यह पुल पश्चिमी डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (WDFC) के सूरत-वडोदरा सेक्शन में व्यस्त डीएफसीसी ट्रैक को पार कर रहा है।
🏗️ 2900 मीट्रिक टन है इस भारी-भरकम स्टील स्पैन का वजन
यह विशेष पुल कुल 330 मीटर लंबा है, जिसमें 100+130 मीटर का एक कंटीन्यूअस (सतत) स्पैन और 100 मीटर का एक अलग स्पैन शामिल किया गया है। इस लॉन्चिंग के साथ ही अब तक कुल 330 मीटर में से 230 मीटर स्टील ब्रिज का मुख्य ढांचागत काम पूरा हो चुका है। 130 मीटर लंबे इस भारी हिस्से को 16 मई 2026 को सफलतापूर्वक अपनी सही पोजीशन पर लॉन्च किया गया। जमीन से करीब 18 मीटर ऊंचे और 15.5 मीटर चौड़े इस स्टील स्पैन का कुल वजन लगभग 2900 मीट्रिक टन है।
🔩 100 साल तक टिकी रहेंगी ये हाई-टेक संरचनाएं
गुजरात के उमरगांव स्थित आधुनिक कार्बन फैक्ट्री वर्कशॉप में निर्मित इन विशिष्ट स्टील ब्रिजों की कार्य अवधि (उम्र) लगभग 100 वर्षों को ध्यान में रखते हुए डिजाइन की गई है। 130 मीटर लंबे इस नवनिर्मित हिस्से को मजबूती देने के लिए इसमें करीब 1.21 लाख हाई स्ट्रेंथ बोल्ट लगाए गए हैं। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इसे (Bullet Train Project) जमीन से 14 मीटर की ऊंचाई पर एक अस्थाई हैवी ढांचे पर तैयार किया गया था और फिर खास अत्याधुनिक ऑटोमैटिक पुशिंग सिस्टम की मदद से धीरे-धीरे आगे बढ़ाया गया।


